दिल्ली में BRICS का महामंच, मोदी आज कई देशों के नेताओं से करेंगे मुलाकात

राजधानी दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 12 और 13 सितंबर 2026 को होने वाले इस सम्मेलन में दुनिया की बदलती राजनीति, ग्लोबल गवर्नेंस और मल्टीलेटरलिज्म जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के वैश्विक असर पर भी BRICS देश मंथन करेंगे।
भारत की अध्यक्षता में ग्लोबल साउथ पर फोकस
इस बार BRICS की अध्यक्षता भारत कर रहा है। ऐसे में सम्मेलन के एजेंडे में ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों की चुनौतियों को खास जगह दी गई है। भारत का जोर इस बात पर रहेगा कि युद्ध और वैश्विक तनाव का असर विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था पर कम हो। बैठक में खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर भी व्यावहारिक समाधान तलाशने की कोशिश होगी।
मोदी की आज कई अहम बैठकें
BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कई देशों के शीर्ष नेताओं से द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दिन की शुरुआत इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ मुलाकात से होगी। दोनों नेता सुबह 10 बजे हैदराबाद हाउस में बातचीत करेंगे। इसके बाद सुबह 10:30 बजे मोदी की मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बैठक होगी। 11 बजे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और 11:30 बजे वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ मुलाकात प्रस्तावित है। इन बैठकों के दौरान आधिकारिक फोटो सेशन भी होगा।
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ईरान के राष्ट्रपति से भी मुलाकात
इसी बीच राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से भी मुलाकात होगी। यह बैठक सुबह 11:30 बजे निर्धारित है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए भारत और ईरान के नेताओं की यह बातचीत काफी अहम मानी जा रही है। ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और क्षेत्रीय शांति जैसे मुद्दे बातचीत में प्रमुख रह सकते हैं।
शाम को मोदी-शी जिनपिंग की मुलाकात
दिन की सबसे चर्चित बैठकों में से एक शाम 5:45 बजे होगी, जब प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। यह बैठक भारत मंडपम में होगी। भारत और चीन के बीच सीमा, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे लंबे समय से अहम रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत पर खास नजर रहेगी और इससे दोनों देशों के रिश्तों की दिशा को लेकर भी संकेत मिल सकते हैं।
युद्ध और आर्थिक दबाव पर BRICS में मंथन
यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों ने ऊर्जा कीमतों, खाद्य आपूर्ति और वैश्विक व्यापार पर दबाव बढ़ाया है। भारत की कोशिश है कि इन चुनौतियों का सबसे ज्यादा असर विकासशील देशों पर न पड़े। BRICS के बढ़ते दायरे के बीच दिल्ली सम्मेलन में आर्थिक सहयोग, विकास, ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए साझा रणनीति पर जोर दिया जाएगा।




















