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रीवा :गांव में एंबुलेंस नहीं पहुंची तो खटिया पर ले गए ग्रामीण, आदिवासी महिला की दर्दनाक मौत

ग्रामीणों के अनुसार, गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकी। मजबूरी में परिजन और ग्रामीण महिला को खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक लाए, लेकिन अस्पताल पहुंचने में हुई देरी उनकी जान नहीं बचा सकी।
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गांव में एंबुलेंस नहीं पहुंची तो खटिया पर ले गए ग्रामीण, आदिवासी महिला की दर्दनाक मौत
एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची तो खटिया पर महिला को ले जाते ग्रामीण
रीवा। जिले के मनगवां विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नदना (डिहिया) में सड़क सुविधा के अभाव ने एक आदिवासी महिला की जान ले ली। रविवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से घायल हुई रामकली रावत (पत्नी स्वर्गीय राम स्वयंवर रावत) को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका, जिससे रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ग्रामीण उन्हें खाट पर लिटाकर कीचड़ भरे कच्चे रास्ते से करीब दो किलोमीटर तक ले जाते दिखाई दे रहे हैं।

पक्की सड़क नहीं होने के कारण नहीं पहुंची एंबुलेंस

ग्रामीणों के अनुसार, गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकी। मजबूरी में परिजन और ग्रामीण महिला को खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक लाए, लेकिन अस्पताल पहुंचने में हुई देरी उनकी जान नहीं बचा सकी। इस घटना ने क्षेत्र में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

ग्रामीणों ने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। उनका दावा है कि ग्राम पंचायत में सड़क निर्माण के लिए विधायक निधि से 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अब तक निर्माण नहीं हो सका। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और गांव में शीघ्र सड़क निर्माण की मांग की है। फिलहाल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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कीचड़ में फंसी एंबुलेंस

बारिश के कारण गांव तक जाने वाला करीब दो किलोमीटर लंबा कच्चा रास्ता पूरी तरह कीचड़ और दलदल में बदल गया, जिससे एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। हालात ऐसे थे कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। इसके बाद ग्रामीणों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए गर्भवती रामकली को खाट पर लिटाया और कंधों पर उठाकर कीचड़ भरे रास्ते से करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जहां से उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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