PlayBreaking News

Peoples Update Special :निकायों की चालाकी पर अंकुश, स्वच्छ सर्वे में पूरे साल होगा, फीडबैक 24x7

स्वच्छ सर्वे में अब नगरीय निकाय चालाकी नहीं कर सकेंगे। सर्वे में अब पूरे साल रैंकिंग की जाएगी और ऐप पर रहवासी कभी भी फीडबैक भेज सकेंगे। पब्लिक के फीडबैक पर 500 की जगह 1000 नंबर होंगे।
Follow on Google News
निकायों की चालाकी पर अंकुश, स्वच्छ सर्वे में पूरे साल होगा, फीडबैक 24x7
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अशोक गौतम, भोपाल। केंद्रीय शहरी आवासन मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिए टूल किट जारी कर दी है। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में कुल अंक बढ़ाकर 12,500 कर दिए गए हैं। इनमें 10,500 अंक स्थल आधारित मूल्यांकन से जुड़े हैं। इसके अलावा अब फीडबैक के अंक 500 के बजाय 1000 होंगे। येलो स्पॉट और रेड स्पॉट के लिए अलग-अलग 75 अंक तय किए गए हैं। स्वच्छता में पीपीपी का मॉडल अपनाया जा रहा है, इसके चलते सरकार ने स्लोगन दिया है- 'स्वच्छता की नई पहल, बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ।' 

    नागरिक कभी भी कर सकेंगे शिकायत

    अभी तक स्वच्छ सर्वे एक निर्धारित समय में होता था। इससे निकाय सर्वे पूर्व तैयारियां कर लेते थे, अब पूरे साल रैंकिंग होगी। इसके लिए सरकार स्वच्छता ऐप, स्वच्छता पहल सहित कई ऐप और टोल फ्री नंबर 1920 जारी करने की तैयारी कर रही है। इसके जरिए नागरिक कभी भी अपनी शिकायतें अथवा स्वच्छता की तस्वीरें अपलोड कर सकेंगे। इस बार के सर्वे में दूषित पानी से मौत की को लेकर देशभर के सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ शहर इंदौर को झटका लगने की आशंका है।

    बात पिछले सर्वे की

    पिछले राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वे में मप्र के इंदौर, भोपाल सहित आठ शहर राष्ट्रीय रैंकिंग में शामिल हुए थे। स्वच्छता सर्वे में कुल 378 शहर शामिल हुए थे, इस वर्ष 413 निकाय इसमें भागीदारी करेंगे।

    पर्यटन स्थल पर फोकस 

    सर्वे में पर्यटन, हेरिटेज, धार्मिक स्थलों की स्वच्छता पर अलग से फोकस किया गया है। यहां साफ सफाई के लिए लोगों में जागरुकता कितनी है, निकायों ने कितना काम किया है, इसे तवज्जो दी जाएगी।

    निकायों को चैलेंज... स्कूलों की सफाई भी शामिल 

    स्वच्छ सर्वे टीम अब स्कूलों में सफाई देखने जाएगी। विशेष तौर पर शौचालय और लड़कों-लड़कियों के लिए अलग-अलग टॉयलेट की सफाई को देखा जाएगा। इसके चलते निकायों को अब स्कूलों में जागरुकता कार्यक्रम चलाने होंगे। टीम स्कूल के बच्चों से बात भी करेगी। निकायों के लिए यह एक बड़ा चैलेंज होगा, क्योंकि स्कूलों की व्यवस्था स्कूल शिक्षा विभाग देखता है।

    इन कार्यों के लिए मिलेंगे अंक

    विजिबल क्लीनलीनेस     1500

    सेग्रीगेशन, कलेक्शन, वेस्ट परिवहन  1000    

    सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट    1500

    एक्सेस टू सेनिटेशन 1000

    यूज्ड वाटर मैनेजमेंट     1000

    मैकेनाइजेशन ऑफ डिस्लजिंग सर्विंग 500

    एडवोकेसी ऑफ स्वच्छता 1500

    इको सिस्टम स्ट्रेंथ एंड इंस्टिट्यूशनल पैरामीटर  1000

    वेलफेयर ऑफ सेनिटेशन वकर्स 500

    सिटीजन फीडबैक    1000 

    नदी वाले शहरों की अलग होगी कैटेगरी

    नदी  किनारे बसे शहरों की एक अलग कैटेगरी होगी। यहां पर पॉलीथिन प्रतिबंध, घाटों की स्वच्छता , शौचालय और सीवेज लाइन नदियों में नहीं मिलने, स्वच्छता में स्थानीय नागरिकों तथा बाहर से आने वाले नागरिकों की भागीदारी को शामिल किया गया है। इसके साथ ही नदियों के किनारों की साफ-सफाई और स्वच्छता के लिए स्थायी व्यवस्था को सर्वे में महत्वपूर्ण स्थान दिया जाएगा।  

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts