Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Young Leaders Dialogue :सीएम डॉ. यादव बोले-क्लास और सिलेबस के अलावा भी बहुत कुछ सीखना होता है  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को 29वें राष्ट्रीय युवा उत्सव एवं विकसित भारत यंग लीडर  कार्यक्रम में शामिल होने वाले युवाओं से संवाद किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्कूल की क्लास और सिलेबस के अलावा भी बहुत कुछ सीखना होता है।
सीएम डॉ. यादव बोले-क्लास और सिलेबस के अलावा भी बहुत कुछ सीखना होता है   
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका में विश्व धर्म संसद के माध्यम से विश्व को भारत की मूल चेतना से परिचय कराया। हमारे युवा भी स्वामी विवेकानंद के समान दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश के रूप में निरन्तर आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में भी तेज गति से युवा शक्ति का विकास हो रहा है। हमारे सामने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में युवाओं से संवाद कर रहे थे।

    Uploaded media

    गीता उपदेश के माध्यम से युवाओं को संदेश

    नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के 47 युवा, विकसित भारत यंग लीडर संवाद कार्यक्रम और 29 युवाओं का दल राष्ट्रीय युवा उत्सव में सहभागिता करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद के लिए ये युवा मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में वंदे-मातरम् के सामूहिक गान के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ। साक्षी पटेरिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया। कार्यक्रम में अंशिका मिश्रा ने गीता उपदेश के माध्यम से युवाओं को संदेश दिया। युवा संवाद कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग एवं खेल संचालक राकेश गुप्ता भी उपस्थित थे।

    सीएम ने सवालों के दिए जवाब

    Uploaded media

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कार्यक्रम में युवाओं ने अनेक विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे, जिस पर मुख्यमंत्री ने बड़ी सहजता के साथ उनकी जिज्ञासा का समाधान किया।

    सोमेश,  ग्वालियर :  एक सटीक भाषण में कौन-कौन से अवयव होने चाहिए?

    मुख्यमंत्री : जीवन में स्वाध्याय करते हुए ज्ञान अर्जन करेंगे तो भाषण की गुणवत्ता स्वत: बढ़ जाएगी। कक्षा में पढ़ाई तो आवश्यक है, लेकिन कक्षा और पाठ्यक्रम के अतिरिक्त भी बहुत कुछ सीखना-समझना होगा।

    प्रियांशु, अनूपपुर। राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने के लिए क्या प्रयास कर रही है, क्या इसमें स्टार्ट-अप की कोई संभावनाएं हैं?

    मुख्यमंत्री : अब हमारे युवाओं का व्यवसाय के साथ खेती और खासतौर से प्राकृतिक खेती की ओर जुड़ाव भी रूझान दिख रहा हैं, यह प्रशंसनीय है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। प्राकृतिक खेती को बढ़ाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। देश में सबसे आदर्श खेती मध्यप्रदेश में होती है। राज्य में सभी प्रकार के मोटे अनाज (श्रीअन्न) की अच्छी उत्पादकता है। प्राकृतिक खेती के लिए देशी खाद भी जरूरी है। इसके लिए गोपालन और दूध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में देशी गोपालन को बढ़ावा दिया जा रहा हैं। ब्राजील जैसा छोटा देश गोपालन के माध्यम से आगे बढ़ने का बड़ा उदाहरण है।

    राजगढ़ के युवा : क्या युवाओं को खेती के लिए शासकीय भूमि लीज पर दी जा सकती है?

    मुख्यमंत्री : राज्य सरकार इस सुझाव पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेती में विविधता को अपनाने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इससे किसानों की आय को बढ़ाने में मदद मिलेगी। राजगढ़ का मोहनपुरा बांध और सिंचाई परियोजना आधुनिक सिंचाई व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    Latest Posts