राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद बड़ा बदलाव,अब SBI की निगरानी में होगी डोनेशन की कैश काउंटिंग

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त निगरानी में होगी। डोनेशन में गड़बड़ी और चढ़ावा चोरी के मामले के सामने आने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरी कैश काउंटिंग व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब मंदिर के दान पात्रों में आने वाले नकद चढ़ावे की गिनती स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की निगरानी में कराई जाएगी। ट्रस्ट का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही तय होगी और भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका कम होगी। मंदिर और बैंक से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नई व्यवस्था लागू करने से पहले लगभग एक सप्ताह तक इसका परीक्षण किया गया। ट्रायल सफल रहने के बाद इसे रविवार से औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है।
SBI को सौंपी गई कैश काउंटिंग की जिम्मेदारी
नई व्यवस्था के तहत राम मंदिर के डोनेशन बॉक्स में आने वाले नकद चढ़ावे की गिनती का जिम्मा अब आधिकारिक तौर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को सौंप दिया गया है। इसके लिए दो अलग-अलग शिफ्ट बनाई गई हैं ताकि गिनती का काम बिना रुकावट और तय प्रक्रिया के अनुसार पूरा हो सके। पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक काम करेगी। प्रत्येक शिफ्ट में 10 से 12 सदस्यीय टीम तैनात रहेगी। ट्रस्ट का उद्देश्य है कि बड़ी संख्या में आने वाले दान की गिनती समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सके।
नई जिम्मेदारियां, निगरानी भी हुई मजबूत
ट्रस्ट ने केवल काउंटिंग सिस्टम ही नहीं बदला, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों का भी पुनर्गठन किया है। शोभनाथ मिश्रा को नया काउंटिंग इंचार्ज नियुक्त किया गया है। इसके अलावा पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने के लिए चार सुपरवाइजर भी नियुक्त किए गए हैं। इनमें एक पूर्व सैन्य अधिकारी को भी काउंटिंग इंचार्ज की जिम्मेदारी दी गई है। ट्रस्ट का कहना है कि पूर्व सैन्य अधिकारियों के अनुभव से निगरानी व्यवस्था और ज्यादा मजबूत होगी।
पूर्व सैन्य अधिकारियों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी
राम मंदिर ट्रस्ट के सिक्योरिटी इंचार्ज एवं पूर्व सेना अधिकारी कैप्टन के. के. तिवारी को कैश काउंटिंग प्रक्रिया की दैनिक मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग का वरिष्ठ प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही पूर्व रक्षा कर्मी एस. पी. दुबे और शेषमणि तिवारी को ट्रस्ट के प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया है। दोनों अधिकारी गिनती की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि हर चरण तय नियमों के अनुसार पूरा हो।
डोनेशन चोरी के मामले के बाद लिया गया फैसला
राम मंदिर में चढ़ावे की नई व्यवस्था ऐसे समय लागू की गई है, जब मंदिर के डोनेशन में कथित गड़बड़ी का मामला जांच के दायरे में है। यह मामला जून के पहले सप्ताह में सामने आया था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी। इसके आधार पर 25 जून को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच को आगे बढ़ाया।
आठ आरोपी गिरफ्तार, लाखों रुपए की नकदी बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टीनू यादव शामिल हैं। इसी मामले में पहले कैश काउंटिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे सुभाष श्रीवास्तव को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकदी, सोना, चांदी और विदेशी मुद्रा भी बरामद की थी। सबसे अधिक 20.39 लाख रुपए नकद अविनाश शुक्ला के पास से मिलने का दावा किया गया था।












