भोपाल। मध्य प्रदेश में जनवरी की शुरुआत से ही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। गुरुवार सुबह प्रदेश के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 3.2 डिग्री तक पहुंच गया। कई जिलों में शीतलहर और ओस की बूंदें पौधों पर बर्फ की परत के रूप में जमीं।
मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में ठंड का असर और बढ़ेगा, क्योंकि हिमालय के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। इससे आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट होने की संभावना है।
जनवरी 2026 का न्यूनतम और अधिकतम तापमान (°C)
|
शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
|
खजुराहो |
15.4 |
3.2 |
|
रीवा |
17.0 |
4.1 |
|
टीकमगढ़ |
18.0 |
7.5 |
|
ग्वालियर |
18.2 |
7.1 |
|
पचमढ़ी |
20.6 |
5.8 |
|
भोपाल |
23.4 |
9.0 |
|
इंदौर |
26.8 |
9.2 |
|
उज्जैन |
26.0 |
10.0 |
|
जबलपुर |
23.7 |
9.0 |
|
सिवनी |
27.2 |
11.0 |
प्रदेश के कई इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली लगभग 12 ट्रेनें निर्धारित समय से लेट चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस भोपाल सुबह 7.25 बजे पहुंचती है, लेकिन 7.5 घंटे लेट थी। जनशताब्दी और सचखंड समेत अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों की टाइमिंग प्रभावित।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि, उत्तर और पूर्वी मध्य प्रदेश में शीतलहर चल रही है और अगले सप्ताह तापमान और गिर सकता है।
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भोपाल: जनवरी 1935 में न्यूनतम तापमान 0.6°C।
इंदौर: जनवरी 1935 में न्यूनतम तापमान माइनस 1.1°C।
जबलपुर: जनवरी 1946 में 1.1°C।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र: पिछले 10 वर्षों में न्यूनतम तापमान 1.9°C और 2.4°C।
उज्जैन: जनवरी 1962 में 0°C।
मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर और जनवरी उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से सबसे ठंडे महीने माने जाते हैं।
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