सुपरस्टार थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ लंबे समय से सुर्खियों में है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि विजय के करियर की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, जिस वजह से दर्शकों का इससे भावनात्मक जुड़ाव भी गहरा है। हालांकि, 9 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली यह फिल्म केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से सर्टिफिकेट न मिलने के कारण फिलहाल संकट में फंस गई है। इस बात की जानकारी फिल्म के प्रोडक्शन हाउस KVN प्रॉडक्शंस ने बुधवार को दी। बयान में कहा गया कि यह फैसला लेना आसान नहीं था और कुछ ऐसे कारणों की वजह से फिल्म की रिलीज टालनी पड़ी, जो मेकर्स के कंट्रोल में नहीं थे। फिल्म को 18 दिसंबर 2025 को सर्टिफिकेशन के लिए भेजा गया था। शुरुआती जांच के बाद कुछ कट्स के साथ U/A सर्टिफिकेट की बात हुई, लेकिन फाइनल सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ। इसके बाद फिल्म को रीवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया, जिससे प्रक्रिया और लंबी हो गई। नई रिलीज डेट जल्द घोषित करने का आश्वासन दिया गया है।
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आइए जानते हैं कि ‘जन नायकन’ से पहले कौन-कौन सी फिल्में सेंसर बोर्ड के पचड़े में फंस चुकी हैं...
अक्षय कुमार और पंकज त्रिपाठी स्टारर ‘OMG 2’ भी रिलीज से पहले सेंसर बोर्ड के टॉर्चर का शिकार हुई थी। अगस्त 2023 में रिलीज हुई इस फिल्म को CBFC ने पहले “थोड़ा विवादित” करार देते हुए रिव्यू कमिटी के पास भेज दिया था। काफी इंतजार और चर्चाओं के बाद बोर्ड ने फिल्म को ‘A’ (वयस्क) प्रमाण पत्र जारी किया। फिल्म की कहानी यौन शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर आधारित थी, जिसे लेकर विवाद हुआ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित बायोपिक ‘अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ अ योगी’ को भी सेंसर बोर्ड की आपत्ति का सामना करना पड़ा। लेखक शांतनु गुप्ता की किताब ‘The Monk Who Became Chief Minister’ से प्रेरित इस फिल्म को CBFC ने शुरुआत में हरी झंडी देने से इनकार कर दिया।
इसके बाद निर्माताओं को बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। काफी कानूनी झमेले के बाद फिल्म को UA 13+ सर्टिफिकेट दिया गया और सितंबर 2025 में इसे रिलीज किया जा सका।
दिलजीत दोसांझ स्टारर ‘पंजाब 95’ सेंसर बोर्ड से जुड़ा सबसे बड़ा और चर्चित मामला है। मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी पर आधारित इस फिल्म को CBFC ने आज तक पास नहीं किया है।निर्माताओं ने फरवरी 2025 में इसे इंटरनेशनल रिलीज करने का ऐलान किया था, लेकिन भारत में फिल्म को अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है।
शाहिद कपूर की फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ भी सेंसर बोर्ड के साथ लंबे विवाद में रही थी। कई कट्स की मांग के बाद मामला बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा, जहां कोर्ट के आदेश पर फिल्म को एक कट के साथ ‘A’ सर्टिफिकेट देकर रिलीज की अनुमति दी गई।
‘जन नायकन’ अकेली ऐसी फिल्म नहीं है जो सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया में अटक गई हो। इससे पहले भी कई बड़ी और चर्चित फिल्में CBFC की आपत्तियों, रिव्यू कमिटी और कोर्ट कचहरी के चक्कर में फंस चुकी हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ कब तक दर्शकों के सामने पहुंच पाती है।