रायसेन में बारना बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा; अब तक 346.50 मीटर पर पहुंचा पानी, फुल टैंक लेवल से 2 मीटर कम
बाड़ी ( रायसेन)। पिछले चार दिनों से क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश का असर अब बारना बांध पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है। अगस्त माह में पहली बार बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए भराव की स्थिति की ओर पहुंच रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल है। बारना बांध जिले का सबसे बड़ा बांध है। इस बांध से रायसेन और सीहोर दोनों जिलों में नहरों के माध्यम से पानी दिया जाता है।
धान के बाद अब रबी के लिए भी पानी की उम्मीद
बारिश की कमी के कारण इस वर्ष शुरुआती दो महीनों में किसान काफी चिंतित थे। धान की फसल बचाने के लिए बारना बांध से नहरों में पानी छोड़ा गया था, जिससे किसानों ने धान की रोपाई की। अब लगातार हो रही वर्षा के चलते बांध में जलभराव बढ़ रहा है और *आने वाली रबी फसल के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध रहने की उम्मीद* जताई जा रही है।
जलस्तर 346.50 मीटर पर, पूर्ण भराव से 2 मीटर दूर
वर्तमान में बारना बांध का जलस्तर 346.50 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि बांध का पूर्ण जलभराव स्तर 348.55 मीटर है। जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। इस संबंध में बारना बांध के एएसडीओ विकास अमलानी ने बताया कि यदि इसी प्रकार बारिश जारी रही और जलभराव बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में बांध के गेट खोले जाने की संभावना बन सकती है।
बांध का नजारा देखने पहुंच रहे लोग
बारना बांध का बढ़ता जलस्तर लोगों के आकर्षण का केंद्र भी बन गया है। क्षेत्र के साथ-साथ बाहर से भी लोग बांध का नजारा देखने पहुंच रहे हैं। मानसून के इस दौर में बारना बांध का प्राकृतिक सौंदर्य और पानी की भरपूर आवक लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।















