हरदा: सीपीसीटी के खिलाफ लिपिकों का मंत्रालय के सामने प्रदर्शन, अनुकम्पा नियुक्ति और समान वेतन की मांग

हरदा। प्रदर्शन में सुरक्षित अनुकम्पा सेवा और मंत्रालय के समान वेतनमान की मांग प्रमुखता से उठाई गई। सीपीसीटी के कारण सेवा से पृथक लिपिकों ने मंत्रालय के सामने महाशोक सभा कर रैली भी निकाली। इसके बाद कर्मचारियों ने बल्लभ भवन पहुंचकर मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा। संघ ने समान कार्य समान वेतन को लिपिकों का संवैधानिक अधिकार बताते हुए सरकार की भेदभाव नीति पर सवाल उठाए।
दो सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन
मध्यप्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ द्वारा सोमवार को बल्लभ भवन भोपाल के सामने अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। संगठन के जिलाध्यक्ष संतोष शुक्ला ने बताया कि सुरक्षित अनुकम्पा सेवा और मंत्रालय के समान वेतनमान का मुद्दा पूरी ताकत से उठाया गया। हरदा जिले से विभिन्न विभागों के लिपिक संवर्ग कर्मचारी भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
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CPCT के कारण सेवा से पृथक लिपिकों ने निकाली रैली
शुक्ला ने बताया कि सीपीसीटी के कारण सेवा से पृथक लिपिकों ने मंत्रालय के समक्ष महाशोक सभा कर रैली भी निकाली। इसके बाद बल्लभ भवन जाकर मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित अनुकम्पा सेवा और समान कार्य समान वेतन लिपिकों का संवैधानिक अधिकार है।
मंत्रालय और मैदानी लिपिकों के वेतनमान में भेदभाव का आरोप
शुक्ला ने कहा कि मंत्रालय और राजभवन कार्यालय में पदस्थ लिपिकों को द्वितीय समयमान में उन्नत वेतनमान दिया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर उनके समान विभागाध्यक्ष और उनके अधीनस्थ कार्यालयों के मैदानी लिपिकों को इससे वंचित रखा जा रहा है। सरकार की भेदभाव नीति से लिपिक संवर्ग उचित वेतन से वंचित है।
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प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लिपिक हुए शामिल
प्रदर्शन में विभिन्न जिलों के जिला अध्यक्ष, संभागीय अध्यक्ष और प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में लिपिक मौजूद रहे। हरदा जिले से पद्माकर हरणे, राहुल परसाई, कन्हैयालाल सोलंकी, पवन चौरे, सौरभ कुरेशिया, शुभांग पाठक, रवि परचैया, चंद्रपाल सिंह, राकेश साकले, सिबली सिद्दीकी, राजभोर कहार, गब्बर चौहान, आमोद गांगौरे और रुपेश गिनारे सहित अन्य लिपिक शामिल हुए।












