हरदा में उफान पर नदी नाले, प्रशासन की चेतावनी पुल-पुलियों, रपटों पर पानी हो तो पार नहीं करें, रायसेन में नाले की बाढ़ से पीएम श्री स्कूल जलमग्न

हरदा। जिले में बीते 36 घंटे से लगातार पानी बरस रहा है। कभी रिमझिम तो कभी पानी की मोटी बूंद पानी बरसने से पूरा माहौल तरबतर हो गया है। लंबे समय बाद जहां आमजन को तीखी उमस से राहत मिली है, वहीं फसलों के लिए भी यह पानी संजीवनी से कम नहीं है।
खिरकिया में सर्वाधिक 40.4 मिमी वर्षा
कार्यालय भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में बीते 24 घंटों में 20.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। हरदा तहसील में 17.8 मिमी, टिमरनी में 25.5 मिमी तथा खिरकिया में सर्वाधिक 40.4 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। इसके अलावा सिराली में 5.7 और रहटगांव में 13 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। जिले के टिमरनी तहसील क्षेत्र के वनांचल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। जलस्तर बढ़ने से संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
टिमरनी एसडीएम ने संवेदनशील स्थानों का लिया जायजा
इसी के मद्देनजर टिमरनी एसडीएम शैलेंद्र कुमार बडोनिया ने राजस्व दल के साथ क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील स्थानों का भ्रमण कर स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीओपी आकांक्षा तलैया सहित पुलिस स्टाफ भी मौजूद रहा। जानकारी के अनुसार राजस्व एवं पुलिस के संयुक्त दल ने रायबोर, नयागांव, बिच्छापुर, काथड़ी, गोदड़ी सहित अन्य ग्राम क्षेत्रों का सघन दौरा किया। अधिकारियों ने गोमती और गंजाल नदी सहित क्षेत्र के छोटे-बड़े नदी-नालों पर बने रपटों, पुल-पुलियाओं की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्रशासन ने नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर और रपटों पर पानी आने की स्थिति को लेकर आवश्यक सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली।
‘जिन पुल-पुलियों पर बाढ़ का पानी वहां बैरिकैड्स लगाएं’
अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। इसके अलावा एसडीएम बड़ोनिया ने ग्राम पंचायतों, अधीनस्थ कर्मचारियों, पटवारियों और कोटवारों को निर्देशित किया कि जिन रपटों, पुल-पुलियाओं अथवा मार्गों पर नदी या नाले का बाढ़ का पानी आता है, वहां तत्काल बैरिकैडिंग कर मार्ग बंद किया जाए और आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी भी व्यक्ति को जोखिम लेकर रपट, पुल या पुलिया पार करने की अनुमति नहीं दी जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
अफसरों ने कहा- पुल-पुलिया, रपटों पर पानी हो तो पार नहीं करें
वहीं, दूसरी ओर प्रशासन ने आमजन से भी सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि बारिश के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में पानी के बहाव के बीच नदी, नाले, रपट या पुल-पुलिया पार करने का प्रयास न करें। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जलभराव एवं बाढ़ प्रभावित मार्गों से दूरी बनाए रखें।
रायसेन में स्कूल परिसर में कमर तक पानी, फिर भी शिक्षक पहुंचे स्कूल

रायसेन जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच रायसेन के सेमरा स्थित शासकीय पीएम श्री हाईस्कूल का परिसर भी जलभराव की चपेट में आ गया। स्कूल परिसर में कमर तक पानी भर जाने के बावजूद शिक्षक अपनी ड्यूटी निभाने के लिए स्कूल पहुंचे और अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि जलभराव के कारण छात्र स्कूल नहीं पहुंच सके।जानकारी के अनुसार, स्कूल परिसर में पानी भरने की मुख्य वजह पास के नाले में आई बाढ़ बताई जा रही है। तेज बारिश के बाद नाले का पानी बढ़ता हुआ स्कूल परिसर के अंदर तक पहुंच गया, जिससे पूरा परिसर जलमग्न हो गया। हालात इतने खराब रहे कि स्कूल परिसर में कई जगह कमर तक पानी नजर आया।
जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचे शिक्षक
जलभराव की गंभीर स्थिति के बावजूद शिक्षक स्कूल पहुंचे। बताया गया कि शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए उनका स्कूल पहुंचना संभव नहीं हो सका। ऐसे हालात में सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि स्कूल में बच्चे पहुंचते तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेता?
छात्रों की सुरक्षा बनी चिंता का विषय

करीब एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित पीएम श्री स्कूल भवन के परिसर में इस तरह पानी भरने से विद्यार्थियों की सुरक्षा और भवन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बारिश के दौरान नाले का पानी स्कूल परिसर तक पहुंचना भविष्य के लिए भी चिंता का विषय है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल के आसपास जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है, ताकि बारिश के समय ऐसी स्थिति दोबारा निर्मित न हो।












