Raipur:रायपुर में 1.55 करोड़ का क्रिप्टो ट्रेडिंग स्कैम,कोचिंग छात्र ने शिक्षक को बनाया शिकार, परिवार समेत मकान में ताला लगाकर फरार

रायपुर: रायपुर में क्रिप्टो करेंसी और USDT ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर एक शिक्षक से 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पांच लोगों ने मिलकर शिक्षक को भारी और निश्चित मुनाफे का लालच दिया। शुरुआत में कुछ समय तक लाभ देकर भरोसा जीता गया, जिसके बाद शिक्षक ने अपनी जमा पूंजी के साथ बैंक लोन और उधार की रकम भी निवेश कर दी। रकम वापस मांगने पर लगातार बहाने बनाए गए। आखिरकार आरोपित परिवार समेत घर पर ताला लगाकर फरार हो गए। आजाद चौक पुलिस ने मामले में पांच आरोपितों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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कोचिंग छात्र से शुरू हुई पहचान, फिर करोड़ों का निवेश
समता कालोनी निवासी पुष्कर जैन पेशे से शिक्षक हैं और गोदावरी सेवा सदन में 'प्राइम प्रोफेशनल क्लासेस' नाम से कॉमर्स की कोचिंग चलाते थे। वर्ष 2020-21 में उनकी पहचान उनके विद्यार्थी नेहल अग्रवाल से हुई थी। शिकायत के मुताबिक नेहल ने बताया कि वह ललित अग्रवाल उर्फ लक्की, विवेक अग्रवाल और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ क्रिप्टो करेंसी और USDT ट्रेडिंग का कारोबार करता है।
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25-30% मुनाफे का दावा, 8-10% रिटर्न का झांसा
आरोप है कि आरोपितों ने शिक्षक को बताया कि ट्रेडिंग कारोबार में हर महीने 25 से 30 प्रतिशत तक मुनाफा होता है। साथ ही निवेशकों को 8 से 10 प्रतिशत तक निश्चित लाभ देने का दावा किया गया। नेहल ने कथित तौर पर यह भी बताया कि उसका खुद का करीब तीन करोड़ रुपये इस कारोबार में लगा हुआ है। इन दावों के बाद शिक्षक को निवेश पर भरोसा होने लगा।
पहले दिया मुनाफा, फिर बढ़ती चली गई निवेश की रकम
शिकायतकर्ता के मुताबिक शुरुआत में कुछ समय तक आरोपितों ने उन्हें लाभ दिया। इससे उनका भरोसा और मजबूत हो गया। इसके बाद उन्होंने अपनी जमा पूंजी के साथ बैंक से ऋण और अन्य स्रोतों से उधार लेकर भी रकम लगानी शुरू कर दी।पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार 22 अगस्त 2024 से 3 फरवरी 2026 के बीच अलग-अलग तारीखों पर आरोपितों के बैंक खातों में RTGS और ऑनलाइन माध्यम से रकम ट्रांसफर की गई।
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अलग-अलग खातों में पहुंचाए 1.54 करोड़ रुपये
शिकायत के मुताबिक नेहल अग्रवाल के खाते में 22 अगस्त 2024 को 10 लाख, 5 सितंबर को 20 लाख और 6 सितंबर को 20 लाख रुपये दिए गए। इसके बाद ललित अग्रवाल के खाते में 21 सितंबर को 24 लाख, 18 अक्टूबर को 10 लाख, 6 दिसंबर को 11 लाख, 16 दिसंबर को 11 लाख और 10
जनवरी 2025 को 30 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।
इसके अलावा 28 अक्टूबर 2024 को विवेक अग्रवाल को 4 लाख, 14 जनवरी 2026 को ललित अग्रवाल को 5 लाख और 3 फरवरी 2026 को सीमा अग्रवाल के खाते में 9.90 लाख रुपये जमा किए गए।शिकायतकर्ता के अनुसार इस तरह कुल 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपये आरोपितों तक पहुंचे।
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मोवा में मुलाकात, दो महीने में पैसा लौटाने का भरोसा
शिकायत के अनुसार जनवरी 2025 में पुष्कर रायपुर के मोवा स्थित सीजी हाइट्स पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात सीमा देवी अग्रवाल, संजय अग्रवाल, ललित अग्रवाल और विवेक अग्रवाल से हुई। आरोप है कि सभी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि करीब दो महीने में उनकी पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। लेकिन समय बीतने के बाद भी पैसा वापस नहीं मिला।
रकम मांगते रहे तो मिलते रहे नए बहाने
शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उन्हें लगातार अलग-अलग बहाने बनाकर टाल दिया गया। इस दौरान भुगतान की नई तारीखें बताई जाती रहीं, लेकिन कथित तौर पर मूल रकम वापस नहीं की गई। मामले में नमित अग्रवाल उर्फ विक्की की भूमिका भी सामने आई है।
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व्यक्तिगत गारंटी देकर फिर लगवाई 9.90 लाख की रकम
शिकायत के अनुसार नमित अग्रवाल ने खुद पुष्कर से संपर्क किया और दोबारा पूंजी लगाने के लिए कहा। उसने कथित तौर पर व्यक्तिगत गारंटी देते हुए भरोसा दिलाया कि दोबारा रकम लगने के बाद ट्रेडिंग शुरू होगी और सभी निवेशकों की राशि वापस कर दी जाएगी। इसके बाद 3 फरवरी 2026 को शिक्षक ने 9.90 लाख रुपये और दिए।
दो दिन बाद मोबाइल बंद, घर पर ताला
शिकायत के मुताबिक 9.90 लाख रुपये लेने के महज दो दिन बाद आरोपितों ने मोबाइल फोन बंद कर दिए। जब शिक्षक ने संपर्क करने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पता चला कि आरोपित परिवार समेत रायपुर स्थित अपना मकान छोड़कर फरार हो गए हैं।
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पांच लोगों पर FIR, पुलिस ने शुरू की जांच
मामले में आजाद चौक पुलिस ने नेहल अग्रवाल, ललित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सीमा अग्रवाल और नमित अग्रवाल उर्फ विक्की के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेनदेन, निवेश की रकम, आरोपितों की भूमिका और कथित ट्रेडिंग कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।





















