यूपी में तीसरी बार सरकार बना दो, लागू कर देंगे UCC, चुनाव से पहले अमित शाह का बड़ा ऐलान

लखनऊ। बीजेपी कार्यसमिति की बैठक में शाह ने कहा कि कई राज्यों में यूसीसी लागू हो चुका है और उत्तर प्रदेश में भी इसे लागू करने की तैयारी है। उनके इस बयान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, 'बड़ी देर कर दी, मेहरबां आते-आते।'
'यूपी में तीसरी बार सरकार बनी तो लागू होगा यूसीसी'
अमित शाह ने बीजेपी कार्यसमिति की बैठक में साफ कहा कि उत्तर प्रदेश में अगर पार्टी की तीसरी बार सरकार बनती है तो यहां भी समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई प्रदेशों में यूसीसी लागू हो चुका है और उत्तर प्रदेश में भी इसे लागू किया जाएगा। शाह के इस ऐलान के बाद प्रदेश की राजनीति में यूसीसी का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
अखिलेश यादव ने कसा तंज
अमित शाह के बयान के बाद जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से यूसीसी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपने अंदाज में जवाब दिया। अखिलेश ने कहा, 'बड़ी देर कर दी, मेहरबां आते-आते।' उनके इस बयान को शाह के ऐलान पर राजनीतिक तंज के तौर पर देखा जा रहा है।
कई राज्यों में यूसीसी लागू करने की तैयारी
फिलहाल उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है। वहीं गोवा में पहले से ही समान नागरिक कानून की व्यवस्था है। असम, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में आने वाले दिनों में यूसीसी लागू करने की तैयारी है। इसके अलावा महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कमेटियों का गठन किया गया है।
यूपी में बीजेपी को कोई नहीं हिला सकता-शाह
अमित शाह ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी अंगद का पैर है, जिसे कोई हिला नहीं सकता। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कमर कसकर चुनाव की तैयारी में जुटने और अर्जुन की तरह मछली की आंख पर नजर रखने की अपील की। शाह ने कहा कि पार्टी को एक बार फिर सरकार बनानी है और कार्यकर्ताओं को किसी तरह की दुविधा में रहने की जरूरत नहीं है।
'सीएम योगी ने यूपी को माफियों से मुक्त कराया'
अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि कठोर शासन के जरिए उन्होंने उत्तर प्रदेश को माफियाओं से मुक्त किया है। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अगले 30 साल तक समाजवादी पार्टी की सरकार नहीं बनने वाली है। शाह ने बीजेपी की पिछली चुनावी सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में पार्टी के केवल 44 विधायक थे और संगठन को मजबूत करने के लिए वह तहसील स्तर तक गए थे। इसके बाद 2014 में 41 प्रतिशत वोट के साथ 73 सीटें मिलीं, जबकि 2017 में 40 प्रतिशत वोट के साथ बीजेपी ने 312 सीटें जीती थीं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के दौरान अखिलेश यादव को रातभर नींद नहीं आई थी।


















