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इंदौर : शेयर ट्रेडिंग के नाम पर इलाहाबाद के डॉक्टर से 8 लाख की ठगी, क्राइम ब्रांच ने छापेमार कार्रवाई कर फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के 15 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार

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इंदौर : शेयर ट्रेडिंग के नाम पर इलाहाबाद के डॉक्टर से 8 लाख की ठगी, क्राइम ब्रांच ने छापेमार कार्रवाई कर फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के 15 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में क्राइम ब्रांच की टीम ने फर्जी ट्रेडिंग कंपनी पर छापेमार कार्रवाई की है। मौके से फर्जी कॉल कर लोगों से ठगी करने वाले 15 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई इलाहाबाद के एक डॉक्टर की शिकायत के बाद की गई। ट्रेडिंग कंपनी द्वारा डॉक्टर से 8 लाख की ठगी की गई थी। मामला हीरानगर थाना क्षेत्र का है। क्राइम ब्रांच की टीम सभी से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला

डीसीपी निमिष अग्रवाल को कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से आए एक डॉक्टर ने बताया था कि, शेयर ट्रेडिंग के नाम पर उनके साथ 8 लाख की ठगी हुई है। फरियादी डॉक्टर द्वारा जानकारी दी गई की, इंदौर की शेयर एडवाइजरी कंपनी चॉइस ब्रोकिंग, एफएक्स प्रो फॉक्स ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर उन्हें एक कॉल आया था। कंपनी ने कई गुना रिटर्न देने के नाम पर उनसे इस ट्रेडिंग के लिए 8 लाख रुपए अपने खातों में डलवा लिए। कंपनी से कॉल करने वाले टेलीकॉलर ने डॉक्टर को कहा था कि, कुछ सालों में यह पैसे कई गुना हो जाएंगे। लालच में आकर डॉक्टर ने पहले तो इस ट्रेडिंग कंपनी के खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। लेकिन 2 सालों तक किसी प्रकार का कोई रिटर्न नहीं मिला और ट्रेडिंग कंपनी ने अपने सभी नंबर भी बंद कर दिए। जिसके बाद उन्होंने इंदौर क्राइम ब्रांच में इसकी शिकायत की। इसी के आधार पर क्राइम ब्रांच ने छापेमार कार्रवाई करते हुए हीरानगर थाना क्षेत्र के एक मकान में चल रहे फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के 15 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। इस गिरोह के मुख्य सरगना नरेश खरे निवासी खंडवा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

देर रात तक कर रहे थे कॉलिंग

गुरुवार देर रात जब क्राइम ब्रांच की टीम ने छापेमार कार्रवाई की, उस समय भी 15 कर्मचारी कॉलिंग में लगे हुए थे। उनके पास काफी डाटा भी मिला है। वे हर व्यक्ति को रैंडम कॉल लगाकर उन्हें इन्वेस्टमेंट के लिए कह रहे थे। कर्मचारी पहले उन्हें अपनी बातों में फंसाकर खातों में पैसे डलवा लेते थे। जिसके बाद कॉल के लिए इस्तेमाल किए गए नंबर को बंद कर देते थे। मौके से लैपटॉप और हार्ड डिस्क भी बरामद हुई है, जिससे काफी डाटा क्राइम ब्रांच को मिलने की उम्मीद है। https://twitter.com/psamachar1/status/1694917076102594593?t=faC1HKozvG4t0FvMovZlSA&s=08 (इनपुट – हेमंत नागले) मध्य प्रदेश की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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