बालोद में 13 साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, एक नाबालिग समेत 3 गिरफ्तार

बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। रनचिरई थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में पुलिस ने एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शिकायत के मुताबिक, बच्ची को डराकर एक घर में ले जाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर जबरदस्ती की गई। घटना के बाद बच्ची बेहोशी की हालत में मिली थी। परिजनों के अनुसार, डर के कारण वह कई दिनों तक घटना के बारे में नहीं बता सकी। 26 अक्टूबर को बच्ची ने मां को आपबीती बताई, जिसके बाद 27 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पेन खरीदने निकली छात्रा, रात तक घर नहीं लौटी
रनचिरई थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 13 वर्षीय बच्ची शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा आठवीं की छात्रा है। शिकायत के अनुसार, 14 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे वह पेन खरीदने के लिए दुकान जाने की बात कहकर घर से निकली थी। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। रात करीब 8 बजे से परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन तत्काल उसका पता नहीं चल पाया।
रात 11 बजे बेहोशी की हालत में मिलने की सूचना
परिजनों को रात करीब 11 बजे जानकारी मिली कि बच्ची को गांव के कुछ युवक एक रिश्तेदार के घर बेहोशी की हालत में लेकर पहुंचे हैं। परिवार के सदस्य वहां पहुंचे तो बच्ची बेहोश मिली। उसे तत्काल गुंडरदेही अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद अगले दिन उसे घर वापस लाया गया।
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12 दिन तक खामोश रही बच्ची, मां को बताई आपबीती
परिजनों के मुताबिक, घर लौटने के बाद बच्ची डरी-सहमी और चुपचाप रहने लगी थी। मां ने जब उससे बातचीत कर घटना के बारे में जानने की कोशिश की, तब 26 अक्टूबर को उसने कथित घटना की जानकारी दी। बच्ची के बयान के अनुसार, गांव के दो युवक उसे डराकर एक घर में ले गए थे। वहां कथित तौर पर तीसरे युवक को भी बुलाया गया।
कमरे में बंद कर जबरदस्ती करने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बच्ची को घर की पहली मंजिल पर स्थित एक कमरे में ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया गया और उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए गए। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों की धमकी से वह बुरी तरह डर गई थी। घटना के बाद घबराहट के कारण वह बेहोश हो गई। होश आने पर किसी तरह बाहर निकली, लेकिन रास्ते में दोबारा बेहोश हो गई। इसके बाद गांव के कुछ लोग उसे एक परिचित के घर ले गए।
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27 अक्टूबर को थाने पहुंची मां, दर्ज कराई शिकायत
बच्ची से घटना की जानकारी मिलने के बाद उसकी मां 27 अक्टूबर को परिजनों और गांव के प्रतिनिधियों के साथ रनचिरई थाने पहुंची। वहां लिखित शिकायत दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1), 70(2), 137(2) और 127(2), तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) और 6 के तहत अपराध दर्ज किया है।
एक नाबालिग समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। एसडीओपी विनय साहू के मुताबिक, नाबालिग को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
महत्वपूर्ण जानकारी : यह मामला पुलिस में दर्ज शिकायत और प्रारंभिक आरोपों पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए।




















