‘वंदे मातरम्’ को पूरा गाने से रोक रहे थे राहुल-सोनिया? BJP के आरोपों पर कांग्रेस ने दी सफाई, जयराम रमेश ने बताई वजह

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान उस समय अजीब स्थिति बन गई, जब ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। ध्वजारोहण के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘वंदे मातरम्’ गाना शुरू किया। कार्यक्रम के दौरान गीत को बीच में रोकने की कोशिश की गई, लेकिन कार्यकर्ताओं ने गायन जारी रखा और पूरा गीत गाया। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी की तरफ से गायन को रोकने के लिए इशारा किए जाने की बात सामने आई। हालांकि, इसके बावजूद गीत को बीच में नहीं रोका गया। बाद में इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा, जबकि कांग्रेस की ओर से सफाई दी गई कि इस घटना को विवाद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
‘वंदे मातरम्’ गाते रहे कांग्रेस कार्यकर्ता
कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान ध्वजारोहण के बाद ‘वंदे मातरम्’ का गायन शुरू हुआ। आमतौर पर कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के शुरुआती दो अंतरे गाए जाते हैं। लेकिन इस कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने गीत को आगे भी जारी रखा और पूरा गीत गाया। बताया गया कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी की ओर से गीत को बीच में रोकने का इशारा किया गया था। इसके बावजूद वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने गायन जारी रखा। इस दौरान कांग्रेस के सेवा दल से जुड़े नेता लालजी देसाई ने भी गीत को पूरा गाने की बात कही। इसके बाद ‘वंदे मातरम्’ का गायन पूरा किया गया।
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राहुल-सोनिया और लालजी देसाई के बीच हुई चर्चा
गीत खत्म होने के बाद राहुल गांधी और सोनिया गांधी की लालजी देसाई से बातचीत भी हुई। बताया गया कि दोनों नेताओं ने गीत को लेकर उनसे चर्चा की। कार्यक्रम का यह हिस्सा कैमरे में भी कैद हुआ और बाद में सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा शुरू हो गई। घटना के सामने आने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर सवाल उठाए। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के गायन को रोकने की कोशिश की गई। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को अलग तरीके से पेश किया और कहा कि पूरे मामले को गलत संदर्भ में देखा जा रहा है।
बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
‘वंदे मातरम्’ को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। बीजेपी नेता शहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के गायन को रोका जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शासन के दौरान भी ‘वंदे मातरम्’ को लेकर इसी तरह की घटनाएं हुई थीं। उन्होंने कांग्रेस के नेताओं पर स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम को लेकर भी सवाल उठाए। शहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं होना भी दुर्भाग्यपूर्ण है। बीजेपी ने इस पूरे मामले को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस से सवाल किए।
कांग्रेस ने दी सफाई, ‘कोई विवाद नहीं’
बीजेपी के आरोपों के बाद कांग्रेस की ओर से सफाई सामने आई। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान जो कुछ हुआ, उसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। जयराम रमेश के मुताबिक, सोनिया गांधी का उद्देश्य ‘वंदे मातरम्’ को रोकना नहीं था। उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बैठने के लिए कुर्सी देने की बात कर रही थीं। उनका कहना था कि खरगे काफी समय से खड़े थे और सोनिया गांधी उनकी सुविधा को लेकर चिंतित थीं। इसी वजह से उन्होंने कुर्सी की ओर इशारा किया था।
रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह का भी किया गया जिक्र
कांग्रेस की ओर से इस मामले में रवींद्रनाथ टैगोर की उस सलाह का भी जिक्र किया गया, जिसमें उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर अपनी बात रखी थी। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस ऐतिहासिक संदर्भ का हवाला देते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के गायन की एक तय परंपरा रही है। कार्यक्रमों में इसके शुरुआती हिस्से को गाने की परंपरा का भी लंबे समय से पालन किया जाता रहा है। कांग्रेस का कहना है कि इसी ऐतिहासिक परंपरा और कार्यक्रम की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस पूरे मामले को देखा जाना चाहिए।
आखिर क्या हुआ था कार्यक्रम में?
पूरे घटनाक्रम को आसान भाषा में समझें तो कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पहले ध्वजारोहण हुआ। इसके बाद ‘वंदे मातरम्’ का गायन शुरू किया गया। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ता गीत को आगे भी गाते रहे। इसी दौरान राहुल गांधी और सोनिया गांधी की ओर से गीत को रोकने का इशारा किए जाने की बात सामने आई।
इसके बाद नेताओं के बीच इस मुद्दे को लेकर बातचीत हुई। बाद में बीजेपी ने इसे मुद्दा बनाया और कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा कोई विवाद नहीं था और सोनिया गांधी का इशारा गीत रोकने के लिए नहीं था।
स्वतंत्रता दिवस पर राजनीतिक बयानबाजी तेज
स्वतंत्रता दिवस का दिन देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा होता है। ऐसे में कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर हुई यह घटना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई। एक तरफ बीजेपी ने कांग्रेस पर सवाल उठाए, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किए जाने की बात कही। यह विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में आ गया है।












