सांसद ने संसद में उठाया मुद्दा, सरकार ने बदला नियम! साल में 13 नहीं, 12 बार करना होगा रिचार्ज

भारत में प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए रिचार्ज को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण यानी TRAI ने Telecom Consumers Protection (13th Amendment) Regulations, 2026 जारी किए हैं। TRAI की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक यह नियम 22 सितंबर 2026 को जारी हुआ है। इस बदलाव को लेकर सांसद राघव चड्ढा ने भी जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने संसद में मोबाइल रिचार्ज की वैधता और ग्राहकों के लिए ज्यादा विकल्प उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया था। अब इस दिशा में नया नियमन सामने आया है।
अब 30 दिन का रिचार्ज, 28 दिन वाले चक्र से राहत
नए बदलाव का सबसे बड़ा मुद्दा 30 दिन की वैधता वाले रिचार्ज प्लान से जुड़ा है। लंबे समय से 28 दिन की वैधता वाले प्लान को लेकर मोबाइल यूजर्स के बीच चर्चा होती रही है। 28 दिन के हिसाब से पूरे साल में 12 महीने की जगह 13 बार रिचार्ज करने की स्थिति बनती है। 30 दिन की वैधता वाले विकल्प से ग्राहक को हर महीने के लिए पूरा 30 दिन का समय मिल सकेगा। इससे सालाना रिचार्ज का हिसाब भी 12 महीने के करीब रहेगा। TRAI ने इससे पहले अप्रैल 2026 में इस बदलाव का मसौदा जारी किया था और उस पर हितधारकों से सुझाव मांगे गए थे। बाद में 22 सितंबर को 13वां संशोधन नियम जारी किया गया
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डेटा नहीं चाहिए तो सिर्फ कॉल और SMS वाला प्लान
नए नियमों में उन ग्राहकों के लिए भी विकल्प पर जोर दिया गया है, जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं है। ऐसे ग्राहकों के लिए वॉइस और SMS आधारित प्लान उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसका फायदा खासतौर पर उन लोगों को हो सकता है जो मोबाइल फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉल करने और SMS के लिए करते हैं। वरिष्ठ नागरिकों, साधारण फोन इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों और कम डेटा इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए यह विकल्प उपयोगी हो सकता है। TRAI की ओर से जारी मसौदे में भी Voice-SMS-only प्लान को लेकर उपभोक्ता विकल्प बढ़ाने की बात सामने आई थी।
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राघव चड्ढा ने संसद में उठाया था मुद्दा
राघव चड्ढा के मुताबिक, कई मोबाइल ग्राहकों ने रिचार्ज के सीमित विकल्प और उनकी वैधता को लेकर अपनी चिंताएं उनके साथ साझा की थीं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने 11 मार्च को संसद में यह मुद्दा उठाया और ग्राहकों के लिए ज्यादा विकल्प तथा किफायती प्लान की मांग की। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा और ज्यादा विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार और TRAI की ओर से उठाए गए कदम के लिए वह आभारी हैं।
‘जितनी जरूरत, उतना ही पैसा’
वॉइस-ओनली प्लान का मकसद यह है कि जिन ग्राहकों को इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं है, उन्हें डेटा के लिए अतिरिक्त भुगतान न करना पड़े। यानी ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से प्लान चुन सकेगा। अगर किसी व्यक्ति को सिर्फ कॉलिंग और SMS चाहिए, तो उसके लिए उसी तरह के विकल्प उपलब्ध होंगे।
TRAI ने अप्रैल में मांगे थे सुझाव
इस बदलाव की प्रक्रिया अचानक शुरू नहीं हुई। TRAI ने 7 अप्रैल 2026 को Telecom Consumers Protection (Thirteenth Amendment) Regulations का ड्राफ्ट जारी किया था और 5 मई तक इस पर सुझाव मांगे थे। इस प्रक्रिया में टेलीकॉम कंपनियों, उपभोक्ता संगठनों और अन्य पक्षों ने अपनी राय दी थी। अब 22 सितंबर को इसका 13वां संशोधन नियम जारी हो चुका है। ऐसे में मोबाइल यूजर्स के लिए आने वाले रिचार्ज विकल्पों में वैधता और केवल वॉइस-SMS वाले प्लान को लेकर बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


















