पंजाब की वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा का नाम गायब! आगे लिखा ‘Permanently Shifted’, अब मचा सियासी बवाल

पंजाब में चुनाव आयोग के SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बीच राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है। उनके नाम के सामने ‘Permanently Shifted’ यानी ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ लिखा गया है। नाम हटाए जाने के बाद चड्ढा ने इस पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग की ओर से 13 अगस्त 2026 को जारी की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा का नाम ‘ASDD’ सूची में शामिल किया गया है। इस सूची में ऐसे मतदाताओं के नाम रखे जाते हैं, जिन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट मतदाता के तौर पर चिन्हित किया गया है।
12 सितंबर तक दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के बावजूद राघव चड्ढा के पास इसे चुनौती देने का मौका है। वह 12 सितंबर 2026 तक अपने नाम को हटाए जाने पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही वह दोबारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवेदन भी कर सकते हैं। यानी फिलहाल यह अंतिम मतदाता सूची नहीं है। आपत्ति और दावे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सूची में बदलाव किया जा सकता है।
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पंजाब में लाखों नाम हटाए गए
SIR अभियान के दौरान पंजाब की मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव किया गया है। दी गई जानकारी के मुताबिक, राज्य में अब तक करीब 20.66 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। यह संख्या पुनरीक्षण से पहले राज्य के कुल मतदाताओं की करीब 9.7 प्रतिशत बताई जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत राघव चड्ढा का नाम भी सूची से हटाया गया है। हालांकि, उनके मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है क्योंकि वह राज्यसभा सांसद हैं और हाल ही में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर भी चर्चा रही है।
राघव चड्ढा ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
राघव चड्ढा ने अपने मोहाली वाले वोटर आईडी का हवाला देते हुए इस कार्रवाई पर सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका नाम गलती से नहीं, बल्कि राजनीतिक वजहों से हटाया गया है। चड्ढा ने इसे ‘राजनीतिक बदले की भावना’ से की गई कार्रवाई बताया है। उनका कहना है कि उन्हें ‘Permanently Shifted’ के रूप में किस आधार पर दर्ज किया गया, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें स्थानांतरित बताने से लेकर इस जानकारी के सत्यापन और आगे की प्रक्रिया तक सरकारी अधिकारियों की भूमिका रही है।
‘यह सिर्फ लिपिकीय गलती नहीं’
राघव चड्ढा का दावा है कि उनके नाम के आगे ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ लिखे जाने को सामान्य या छोटी प्रशासनिक गलती नहीं माना जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उन्हें स्थानांतरित बताया गया है तो आखिर किस अधिकारी ने यह जानकारी दर्ज की और इसका सत्यापन किस स्तर पर हुआ। उनके मुताबिक, बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO से लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी यानी CEO तक चुनावी प्रक्रिया में सरकारी मशीनरी के अधिकारी और कर्मचारी जुड़े होते हैं। चड्ढा ने आरोप लगाया कि चुनावी ड्यूटी से जुड़े अधिकारियों के प्रशासनिक करियर, पोस्टिंग और तबादले राज्य सरकार के नियंत्रण में होते हैं। उनका दावा है कि इसी वजह से अधिकारियों पर दबाव बनाया जा सकता है।
AAP पर भी लगाए गंभीर आरोप
राघव चड्ढा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि जब से उन्होंने और कुछ अन्य नेताओं ने आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थामा है, तब से उनके खिलाफ राजनीतिक कार्रवाई की जा रही है। चड्ढा के मुताबिक, जो नेता सरकार या पार्टी के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें निशाना बनाने के लिए प्रशासन और पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दूसरे पूर्व आप सांसदों और नेताओं के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया जा रहा है।



















