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G7 में PM मोदी-ट्रंप मुलाकात से पहले ‘नो प्रेस’ पर भारत ने दी सफाई, ट्रंप के अप्रत्याशित सवालों का दिया हवाला

G7 शिखर सम्मेलन में PM मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात से पहले ‘नो प्रेस’ को लेकर भारत ने सफाई दी। सूत्रों ने इसे सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया बताया जबकि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने ट्रंप के अप्रत्याशित सवालों का जिक्र किया।
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G7 में PM मोदी-ट्रंप मुलाकात से पहले ‘नो प्रेस’ पर भारत ने दी सफाई, ट्रंप के अप्रत्याशित सवालों का दिया हवाला
PM मोदी-ट्रंप मुलाकात से पहले ‘नो प्रेस’ पर भारत ने दी सफाई

फ्रांस में जून 2026 में हुए G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात से पहले प्रेस से बातचीत को लेकर उठे सवालों पर भारत की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक किसी भी VVIP दौरे या उच्चस्तरीय बैठक से पहले कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों के प्रारूप को लेकर दोनों पक्षों के बीच चर्चा होना सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया है। यह स्पष्टीकरण अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के उस बयान के बाद सामने आया जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय पक्ष ने पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात से पहले प्रेस के सवाल-जवाब नहीं कराने की इच्छा जताई थी।

भारत ने कहा था कि प्रेस से सवाल न हों

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार विदेशी प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति ट्रंप के साथ सार्वजनिक मुलाकातों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतते हैं। इसकी वजह उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों में कभी-कभी अप्रत्याशित सवाल और टिप्पणियां मानी जाती हैं। सूत्रों ने दक्षिण अफ्रीका, यूक्रेन और दूसरे देशों के नेताओं के साथ ट्रंप की कुछ पिछली बैठकों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे अनुभवों के बाद कई देश पहले से यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि उच्चस्तरीय मुलाकात का सार्वजनिक प्रारूप क्या होगा। भारत ने भी इसी सामान्य प्रक्रिया के तहत बैठक के दौरान प्रेस की मौजूदगी और सवाल-जवाब को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी।

ट्रंप ने राजदूत से पूछा था- भारतीय कौन सा मुद्दा उठाएंगे?

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के मुताबिक पीएम मोदी के साथ बैठक से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने उनसे पूछा था कि भारतीय पक्ष किन मुद्दों को बैठक में उठाने वाला है। गोर ने बताया कि उन्होंने ट्रंप को बैठक के एजेंडे और भारत की ओर से किए गए अनुरोध के बारे में जानकारी दी। इसी दौरान प्रेस से सवाल पूछे जाने को लेकर भी चर्चा हुई। राजदूत के अनुसार उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को बताया कि भारतीय पक्ष नहीं चाहता कि बैठक के दौरान पत्रकारों से सवाल लिए जाएं। ट्रंप ने उस समय इसे स्वीकार करते हुए कहा था कि ठीक है, कोई बात नहीं।

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फिर ट्रंप ने पत्रकारों से पूछा- कोई सवाल?

राजदूत के बयान के मुताबिक इसके बावजूद बैठक के दौरान ट्रंप ने वहां मौजूद पत्रकारों की ओर देखकर 'कोई सवाल?' पूछा। इससे बैठक में प्रेस के सवाल-जवाब की स्थिति बन गई। यही घटनाक्रम अब भारत की ओर से दी गई सफाई के संदर्भ में चर्चा में है। भारत से जुड़े सूत्रों ने इस पूरे मामले को किसी असामान्य कूटनीतिक विवाद के तौर पर देखने से इनकार किया है। उनका कहना है कि VVIP दौरों में कार्यक्रमों के स्वरूप और सार्वजनिक बातचीत को लेकर पहले से समन्वय करना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।

पश्चिम एशिया का तनाव भी बैठक के एजेंडे में था

पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की यह मुलाकात ऐसे समय हुई थी जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ था। ईरान से जुड़ा संघर्ष और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा उस समय महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल थे। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में किसी तरह के व्यवधान से होने वाले मानवीय और आर्थिक प्रभावों का भी मुद्दा उठाया था।

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भारत- अमेरिका बातचीत में संवेदनशील मुद्दे

G7 के दौरान मोदी-ट्रंप मुलाकात ऐसे समय हुई जब ग्लोबल स्तर पर पश्चिम एशिया का संकट, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख बने हुए थे। ऐसे में बैठक के सार्वजनिक हिस्से को लेकर पहले से स्पष्टता रखना भारत की कूटनीतिक तैयारी का हिस्सा बताया जा रहा है। भारत की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण का मुख्य बिंदु यही है कि प्रेस से सवाल न लेने की बात किसी विशेष विवाद के बजाय उच्चस्तरीय बैठकों से पहले होने वाली सामान्य प्रोटोकॉल और समन्वय प्रक्रिया का हिस्सा थी।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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