Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

राम मंदिर आंदोलन के दौर में BJP को पहली जीत दिलाने वाले, पूर्व विधायक राजेश बहेलिया का निधन! गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई

चकिया विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे भाजपा के पूर्व नेता राजेश बहेलिया का 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। हृदय गति रुकने से उनकी मौत की खबर फैलते ही चंदौली के चकिया और मगरौर में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उनके घर पहुंचे और श्रद्धांजलि दी।
Follow on Google News
राम मंदिर आंदोलन के दौर में BJP को पहली जीत दिलाने वाले, पूर्व विधायक राजेश बहेलिया का निधन! गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई
पूर्व विधायक राजेश बहेलिया को अंतिम विदाई

उत्तर प्रदेश। चंदौली जिले के चकिया क्षेत्र के शहाबगंज ब्लॉक के मगरौर गांव निवासी और चकिया सुरक्षित विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे राजेश बहेलिया का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वे 66 वर्ष के थे। खबर सामने आते ही उनके घर पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने परिवार से मुलाकात कर दुख जताया। राजेश बहेलिया को क्षेत्र में सरल व्यवहार और लोगों से सीधे जुड़ाव रखने वाले नेता के तौर पर याद किया गया।

1991 में पहली बार बने थे विधायक

राजेश बहेलिया ने चकिया सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। वर्ष 1991 में राम मंदिर आंदोलन के दौर में उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद 1993 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की। लगातार दो बार विधानसभा पहुंचने के बाद क्षेत्र की राजनीति में उनकी अलग पहचान बनी।

सरल स्वभाव के कारण लोगों से था जुड़ाव

राजेश बहेलिया लंबे समय तक पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं के संपर्क में रहे। स्थानीय लोगों के मुताबिक उनका व्यवहार सहज और मिलनसार था। जरूरत के समय लोगों के साथ खड़े रहने के कारण क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ थी। उनके निधन की सूचना मिलते ही मगरौर स्थित पैतृक आवास पर समर्थकों और शुभचिंतकों का पहुंचना शुरू हो गया। लोगों ने उनके साथ जुड़ी यादें साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

ये भी पढ़ें: रसोई में महंगाई का तड़का! पहले चीनी हुई महंगी, अब प्याज ने निकाले आंसू

अंतिम विदाई से पहले दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर

पूर्व विधायक के अंतिम संस्कार से पहले पुलिसकर्मियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। इस दौरान उप जिलाधिकारी विकास मित्तल और पुलिस क्षेत्राधिकारी अजीत सिंह चौहान मौजूद रहे। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग शामिल हुए। नम आंखों से लोगों ने अपने पूर्व विधायक को अंतिम विदाई दी।

राजनाथ सिंह ने परिवार से की बात

राजेश बहेलिया के निधन की जानकारी मिलने पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फोन के माध्यम से उनके परिवार से बात की और ढांढस बंधाया। अंतिम यात्रा में विधायक कैलाश आचार्य, पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव और राणा प्रताप सिंह समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने भी शोक जताया।

परिवार में पत्नी, तीन बेटे और दो बेटियां

राजेश बहेलिया अपने पीछे पत्नी आभा बहेलिया, तीन पुत्र और दो पुत्रियां छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी आभा बहेलिया शहाबगंज ब्लॉक की दो बार ब्लॉक प्रमुख रह चुकी हैं। राजेश बहेलिया चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ चकिया क्षेत्र के लोगों में भी गहरा दुख है। स्थानीय लोगों ने उनके निधन को क्षेत्र की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया।

ये भी पढ़ें: कौन हैं बंबीहा गैंग के ये 3 आरोपी? मलेशिया से डिपोर्ट होकर भारत पहुंचे जसप्रीत, अजय और पवनदीप

भाजपा कार्यकर्ताओं में गहरा शोक

राजेश बहेलिया के निधन से भाजपा कार्यकर्ताओं में भी शोक का माहौल है। पार्टी से जुड़े लोगों ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक संगठन के लिए काम किया और कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क बनाए रखा। उनके आवास पर सोमवार को दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा। क्षेत्रवासियों ने दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत देने की कामना की।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

Latest Posts