Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

सरकारी स्कूलों की हालत पर अभिजीत दीपके की चिट्ठी, शिक्षा मंत्रियों से मांगी 6 अहम जानकारियां

सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने देश के सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को चिट्ठी लिखकर सरकारी स्कूलों की स्थिति पर छह अहम जानकारियां मांगी हैं। उन्होंने स्कूलों की मरम्मत, शिक्षकों के खाली पद, बजट, डिजिटल सुविधाओं, शौचालय और खेल सुविधाओं से जुड़ा डेटा सार्वजनिक करने की अपील की है।
Follow on Google News
सरकारी स्कूलों की हालत पर अभिजीत दीपके की चिट्ठी, शिक्षा मंत्रियों से मांगी 6 अहम जानकारियां

देश में सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने सरकारी स्कूलों की मौजूदा स्थिति को लेकर छह अहम जानकारियां सार्वजनिक करने की अपील की है। इनमें स्कूलों की मरम्मत, शिक्षकों के खाली पद, बजट, अतिरिक्त स्कूलों की जरूरत और डिजिटल व अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी शामिल है। अभिजीत दीपके ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि देश को आजाद हुए करीब 80 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां बच्चों के लिए साफ पीने का पानी, उचित वॉशरूम, अच्छे क्लासरूम और बैठने के लिए बेंच जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।

स्कूलों की मरम्मत से लेकर बजट तक मांगी जानकारी

अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्रियों से पिछले पांच वर्षों के दौरान सरकारी स्कूलों की स्थिति और उन पर खर्च किए गए सरकारी धन का पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराने की अपील की है। उन्होंने पूछा है कि पिछले पांच साल में कितने सरकारी स्कूलों का कायाकल्प किया गया और वर्तमान में कितने स्कूलों को मरम्मत या पूरी तरह कायाकल्प की जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने सरकारी स्कूलों के लिए पिछले पांच वर्षों में आवंटित बजट और उसमें से खर्च की गई राशि की जानकारी भी मांगी है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति समझने के लिए सिर्फ योजनाओं की जानकारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके लिए आवंटित और खर्च किए गए बजट का आंकड़ा भी सामने आना चाहिए।

X Post

शिक्षकों के खाली पद और नॉन-टीचिंग काम पर भी सवाल

चिट्ठी में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर भी जानकारी मांगी गई है। अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्रियों से पूछा है कि वर्तमान में कितने शिक्षण पद स्वीकृत हैं, उनमें से कितने पद भरे हुए हैं और कितने पद खाली हैं। उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को पढ़ाने के अलावा किस तरह के नॉन-टीचिंग काम और जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं। उनका सवाल है कि ऐसे अतिरिक्त कार्यों का शिक्षकों की पढ़ाई और बच्चों की शिक्षा पर क्या असर पड़ता है।

Breaking News

कितने स्कूलों में डिजिटल और खेल सुविधाएं?

अभिजीत दीपके ने राज्यों से सरकारी स्कूलों में उपलब्ध आधुनिक और बुनियादी सुविधाओं का आंकड़ा भी मांगा है। उन्होंने पूछा है कि कितने स्कूलों में कंप्यूटर और डिजिटल लर्निंग की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही कितने स्कूलों में स्वच्छ और इस्तेमाल योग्य शौचालय मौजूद हैं और कितने स्कूलों में बच्चों के लिए खेल सुविधाएं व जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी जानने की अपील की है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए मौजूदा समय में कितने अतिरिक्त सरकारी स्कूलों की जरूरत है।

रसोई में महंगाई का तड़का! पहले चीनी हुई महंगी, अब प्याज ने निकाले आंसू

सोशल मीडिया पर सामने आ रही तस्वीरों पर जताई चिंता

अभिजीत दीपके ने सरकारी स्कूलों से जुड़ी सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली तस्वीरों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों की ऐसी तस्वीरें गंभीर चिंता का विषय हैं और बच्चों को इस तरह के माहौल में पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्कूलों की खराब स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि बच्चों को बेहतर और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण मिलना चाहिए। अब शिक्षा मंत्रियों से मांगी गई इन छह जानकारियों के जरिए सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति, सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े आंकड़े सामने आने की उम्मीद है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

Latest Posts