गुरुग्राम में भारी बारिश के चलते Work From Home की एडवाइजरी, 25 अगस्त को घर से काम की अपील

गुरुग्राम में सोमवार को हुई भारी बारिश के बाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। डिप्टी कमिश्नर कार्यालय की ओर से जारी एडवाइजरी में सभी सरकारी और निजी संस्थानों से 25 अगस्त को कर्मचारियों को Work From Home की सुविधा देने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी है, ऐसे में लोगों की आवाजाही कम होने से राहत और रखरखाव के काम में मदद मिलेगी।
भारी बारिश के बाद जलभराव और ट्रैफिक जाम
सोमवार को गुरुग्राम में हुई तेज बारिश के बाद कई प्रमुख इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हुई और कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिली। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे पर भी बारिश के बाद वाहनों की लंबी कतारें लगीं। नरसिंगपुर, हीरो होंडा चौक, राजीव चौक, इफको चौक और ओल्ड गुरुग्राम के कई हिस्सों में सड़कें पानी से लबालब नजर आईं। इससे रोजाना ऑफिस जाने वाले लोगों और अन्य वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
25 अगस्त को घर से काम करने की अपील
प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में सरकारी और निजी संस्थानों से कहा गया है कि वे अपने कर्मचारियों को 25 अगस्त को घर से काम करने के लिए कहें। यह एडवाइजरी भारी बारिश के बाद संभावित जलभराव और ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए जारी की गई है। प्रशासन के मुताबिक, ज्यादा लोगों के घर से काम करने पर सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और जरूरी रखरखाव कार्यों के लिए भी सड़कों पर आवाजाही अपेक्षाकृत आसान रहेगी।
सड़कों और नालियों के रखरखाव में मिलेगी मदद
एडवाइजरी में बताया गया है कि Work From Home से सिर्फ ट्रैफिक कम करने में ही मदद नहीं मिलेगी, बल्कि बारिश के बाद सड़कों और नालियों की मरम्मत एवं रखरखाव का काम भी आसानी से किया जा सकेगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम और सड़कों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपने ट्रैवल प्लान तैयार करें। खासकर जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के बाद गुरुग्राम के कई हिस्सों में पैदा हुई स्थिति को देखते हुए प्रशासन की यह एडवाइजरी लोगों की परेशानी कम करने और शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।





















