Shivani Gupta
7 Jan 2026
अशोक गौतम ’ भोपाल। प्रदेश में इस वर्ष के आखिरी तक सभी घरों में पाइपलाइन से पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। इंदौर के भागीरथपुरा के हादसे के सबक लेते हुए पंचायत विभाग जांच के लिए फील्ड टेस्टिंग किट (FTK) खरीद को अपने SOR (शेड्यूल ऑफ रेट) में शामिल करने पर विचार कर रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) ने पंचायत विभाग को इस संबंध में कहा है।
पीएचई घरों में पहुंचने वाले पानी की शुद्धता जांचने के लिए हर पंचायत को लक्ष्य देगा कि रेंडमली हर दिन पानी के दो टेस्ट किए जाएं। एक FTK की कीमत करीब 1500 रुपए है, जिसमें 1500 सैंपलों की जांच करने की क्षमता होती है। प्रदेश में एक करोड़ 11 लाख से अधिक घरों में पाइप लाइन के जरिए पानी पहुंचना है। इतने बड़े नेटवर्क में पानी की शुद्धता तय करने यह कवायद की जा रही है।
गांवों में पानी का नेटवर्क दूर-दूर तक फैला रहेगा। वहां पर लीकेज तलाशने के लिए इतना अमला भी नहीं रहता। अगर कहीं पर लीकेज हो जाए तो पता लगाना मुश्किल होगा। इस किट से अशुद्ध पानी का रिस्क कम हो जाएगा।
आम जनता को भी यह सुविधा दी जाएगी कि वे पानी के सैंपल की जांच पीएचई की लैब में बिना किसी शुल्क दिए करा सके। सैंपल लेने के 24 घंटे के अंदर पानी की टेस्टिंग कराना होगा। यह सुविधा विभाग के 147 वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों और 187 लैब में उपलब्ध रहेगी। सरकार ने सभी जिला मुख्यालयों और दो ब्लाकों के बीच में एक पानी की टेस्टिंग लैब बनाई है। हालांकि इनमें जांच करने वाले कैमिस्ट आउटसोर्स से रखे गए हैं।
मप्र जल जीवन मिशन ने बीते एक साल में तीन लाख 68 हजार पानी के सैंपल लिए थे। इसमें से सिर्फ 373 सैंपल फेल हुए हैं। हालांकि गांवों में पानी के पाइप लाइन के बगल में सीवेज लाइन भी नहीं है और न ही जल स्रोतों के आस-पास गंदगी है। जिन क्षेत्रों में अंडर ग्राउंड वाटर फ्लोटाइड, कैल्शियम, आयरन की समस्या थी, वहां नदी तालाबों से पानी सप्लाई की व्यवस्था की गई है।
शुरुआत में पानी मटमैला आ रहा था। इसकी शिकायत की गई। अब पानी साफ आता है। बारिश के दौरान जरूर खराब पानी आता है।
प्रदीप तिवारी, बडैया गांव तहसील हनुमना, रीवा
एफटीके किट खरीदी को शामिल किया गया है। इस पंचायतों की निधि और कुछ योजनाओं से खरीदा जा सकेगा।
केवीएस चौधारी कोलसानी, एमडी, मप्र जल निगम मर्यादित