जबलपुर के गाजी नगर में आग से 15 परिवारों के आशियाने उजड़े, 30 लाख रुपए तक नुकसान का अनुमान
जबलपुर। गोहलपुर थाना क्षेत्र के गाजी नगर में शुक्रवार देर रात भीषण आग ने गरीब परिवारों की वर्षों की मेहनत और खुशियों को पलभर में राख कर दिया। बस्ती में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते 15 से अधिक झोपड़ियां उसकी चपेट में आ गईं। लोग अपनी आंखों के सामने घर का सामान, कपड़े, बर्तन और जीवनभर की जमा-पूंजी जलते देखते रहे। आग की भयावहता के बीच किसी ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला तो कोई बचा हुआ सामान समेटने की कोशिश करता रहा, लेकिन अधिकांश परिवार अपनी गृहस्थी नहीं बचा सके।
सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। स्थानीय लोगों की मदद से झोपड़ियों में रहने वालों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी मिलते ही विधायक लखन घनघोरिया, अधारताल एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी, सीएसपी अखिलेश गौर, कांग्रेस नेता ताहिर अली और गोहलपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य के साथ प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया।
शराब पीकर सिगरेट फेंकने से आग लगने की आशंका
आगजनी के बाद एक पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कुछ लोग बैठकर शराब पीते हैं और जलती हुई सिगरेट लापरवाही से फेंक देते हैं। महिला ने इसी वजह से आग लगने की आशंका जताई है। हालांकि आग लगने का वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आया है। शार्ट सर्किट सहित अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है।
विक्टोरिया अस्पताल के आउटसोर्स कर्मचारियों को 2 महीने से वेतन नहीं, कलेक्टर ने जताई नाराजगी
25 से 30 लाख का नुकसान, स्कूल में की ठहरने की व्यवस्था
एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी के अनुसार प्रारंभिक सर्वे में 15 प्रभावित परिवारों की पहचान हुई है। आग से करीब 25 से 30 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। प्रभावितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया की जा रही है। फिलहाल सभी परिवारों के रहने की व्यवस्था स्कूल में की गई है। प्रशासन की ओर से आगे भी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे।
इन परिवारों की गृहस्थी हुई प्रभावित
प्रभावितों में मोहम्मद शाबिर, मोहम्मद शब्बीर, बानो बी, अख्तरी, नोवनिहाल, महरुन बी, मोहनुद्दीन, मुख्तार अहमद, मोहम्मद हुसैन, आमना बी, मोहम्मद रहमान, ज्योति, माया बाई, सहबाज अंसारी और गुलाम रसूल अंसारी शामिल हैं।
एक सप्ताह में दूसरी बड़ी आगजनी
शहर में एक सप्ताह के भीतर आगजनी की दूसरी बड़ी घटना ने रहवासी बस्तियों में अग्नि सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दीपावली से ठीक पहले हुए इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। अब पीड़ितों को प्रशासन से आर्थिक सहायता और दोबारा आशियाना बसाने की उम्मीद है।























