सांप ने डसा तो अस्पताल की जगह झाड़-फूंक कराने पहुंचे परिजन, पन्ना में महिला की मौत

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अंधविश्वास के चलते समय पर इलाज नहीं मिलने का एक दुखद मामला सामने आया है। यहां सांप के काटने के बाद परिजन 60 साल की महिला को अस्पताल ले जाने के बजाय घंटों झाड़-फूंक कराते रहे। इस दौरान महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई। जब उसे अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। घटना पवई थाना क्षेत्र के नरगी गांव की है।
दिवाली की सफाई के दौरान सांप ने डसा
मृत महिला की पहचान 60 वर्षीय चंदा बाई लोधी के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, दिवाली से पहले घर में साफ-सफाई और पुताई का काम चल रहा था। शुक्रवार को चंदा बाई भी घर की पुताई कर रही थीं। इसी दौरान अचानक एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। सांप के काटने की जानकारी मिलते ही घर में अफरा-तफरी मच गई। ऐसे समय में महिला को तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत थी, लेकिन परिजन उन्हें इलाज के लिए ले जाने के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ गए। इस फैसले के कारण इलाज मिलने में देरी होती चली गई और चंदा बाई की हालत बिगड़ने लगी।
नीम के पत्ते और नमक से जहर जांचने की कोशिश
जानकारी के मुताबिक, परिजनों ने पहले घरेलू तरीके से यह पता लगाने की कोशिश की कि महिला के शरीर में सांप का जहर फैला है या नहीं। इसके लिए उन्हें नीम की पत्तियां और नमक खिलाया गया। परिजनों का मानना था कि नीम का स्वाद कड़वा नहीं लगने पर जहर फैलने की पुष्टि होती है। हालांकि, इस तरह के घरेलू तरीकों से सांप के जहर का पता नहीं लगाया जा सकता। इसके बावजूद परिवार के लोग महिला को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय उमरिया गांव में रहने वाले एक तांत्रिक के पास पहुंच गए।
तांत्रिक के पास झाड़-फूंक में बीता समय
बताया जा रहा है कि तांत्रिक के पास काफी देर तक झाड़-फूंक और दूसरी क्रियाएं की गईं। लेकिन महिला की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके उलट उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। जब परिजनों को स्थिति की गंभीरता समझ आई, तब वे चंदा बाई को लेकर अमनगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया। परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद चंदा बाई को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में दुख का माहौल है।
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पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम, जांच जारी
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला के शव को अपने कब्जे में लेकर जरूरी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम कराया। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अंधविश्वास से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सांप के काटने जैसी आपात स्थिति में झाड़-फूंक, तांत्रिक या घरेलू नुस्खों के भरोसे समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी है।
सांप काटने पर तुरंत अस्पताल जाना जरूरी
सांप के काटने पर नीम के पत्ते, नमक या किसी दूसरे घरेलू तरीके से जहर की जांच नहीं की जा सकती। झाड़-फूंक से भी इसका इलाज संभव नहीं है। सांप के काटने की घटना को मेडिकल इमरजेंसी मानना चाहिए और बिना देरी किए मरीज को अस्पताल पहुंचाना चाहिए। पन्ना की यह घटना एक बार फिर बताती है कि अंधविश्वास और गलत धारणाओं के कारण इलाज में देरी कितनी गंभीर साबित हो सकती है। समय पर सही चिकित्सा मिलना ऐसे मामलों में बेहद जरूरी है।




















