वीडियोकॉन के पूर्व प्रमोटर वेणुगोपाल धूत दिवालिया घोषित, SBI समेत बैंकों का 12,668 करोड़ रुपए बकाया

नई दिल्ली। वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के पूर्व प्रमोटर और डायरेक्टर वेणुगोपाल नंदलाल धूत को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने दिवालिया घोषित कर दिया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और उसके सहयोगी बैंकों का उन पर कुल 12,668.06 करोड़ रुपए बकाया है। कर्ज नहीं चुकाने और व्यक्तिगत दिवालियापन समाधान प्रक्रिया विफल होने के बाद NCLT की मुंबई बेंच ने यह आदेश दिया है।
NCLT ने SBI की याचिका स्वीकार की
NCLT की मुंबई बेंच ने इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के सेक्शन 121 के तहत SBI की ओर से दायर दिवालियापन याचिका स्वीकार कर ली। यह फैसला धूत की व्यक्तिगत दिवालियापन समाधान प्रक्रिया के सफल नहीं होने के बाद आया है। इससे पहले धूत ने 36 महीने में 600 करोड़ रुपए का भुगतान करके बकाया देनदारियों का निपटारा करने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, क्रेडिटर्स ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।
धूत पर 12,668 करोड़ रुपए का कर्ज
SBI की फाइलिंग के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक वेणुगोपाल धूत पर कुल 12,668.06 करोड़ रुपये बकाया थे। उन्होंने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड (VIL) और वीडियोकॉन टेलीकम्युनिकेशंस लिमिटेड (VTL) को दी गई क्रेडिट सुविधाओं के लिए व्यक्तिगत गारंटी दी थी।
बकाया रकम का विवरण इस तरह है।
- रुपया टर्म लोन सुविधा के तहत 9,322.10 करोड़ रुपए
- VTL सुविधा के तहत 1,437.76 करोड़ रुपए
- वर्किंग कैपिटल सुविधा के तहत 1,908.19 करोड़ रुपए
निजी संपत्तियों के प्रबंधन के लिए ट्रस्टी नियुक्त
NCLT ने धूत की निजी संपत्तियों का प्रबंधन और वितरण करने के लिए इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल आशीष नारायण को दिवालिया ट्रस्टी नियुक्त किया है। आदेश के मुताबिक, धूत की पूरी संपत्ति अब ट्रस्टी के नियंत्रण में रहेगी। ट्रस्टी को कर्जदाताओं से दावे मंगाने के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी करना होगा। इसके अलावा 90 दिनों के भीतर NCLT में शुरुआती रिपोर्ट जमा करनी होगी।
7 दिन में वित्तीय स्थिति का ब्योरा देने का आदेश
वीडियोकॉन ग्रुप की कंपनियों पर वित्तीय संकट आने के बाद उनके लोन खातों में डिफॉल्ट हुआ था। इसके चलते जून 2018 में वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के खिलाफ कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके बाद SBI ने धूत की व्यक्तिगत गारंटी के आधार पर बकाया रकम वसूलने के लिए NCLT का रुख किया। अब ट्रिब्यूनल ने धूत को सात दिनों के भीतर दिवालिया ट्रस्टी के सामने अपनी पूरी वित्तीय स्थिति का ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है।




















