Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

ईरान ने परमाणु साइट के पास बांटी आयोडीन की गोलियां, अमेरिका के हमले का डर- ट्रंप पर नहीं रहा भरोसा  

2-3 KM के दायरे में हो रहा वितरण, पिकएक्स माउंटेन परमाणु साइट पर अमेरिकी हमले की आशंका, अल जजीरा की रिपोर्ट
ईरान ने परमाणु साइट के पास बांटी आयोडीन की गोलियां, अमेरिका के हमले का डर- ट्रंप पर नहीं रहा भरोसा   
आयोडीन टैबलेट।

न्यूयॉर्क। अमेरिका द्वारा एक और सैन्य हमले की बढ़ती आशंकाओं के बीच, ईरान ने अपनी परमाणु सुविधाओं के पास रहने वाले लोगों को आयोडीन की गोलियां बांटना शुरू कर दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिकी सेना भी संभावित तनाव बढ़ने की स्थिति के लिए तैयारी कर रही है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने इन गोलियों के वितरण की पुष्टि की है। अधिकारी ने कहा- हां, हम आयोडीन बांट रहे हैं। ट्रंप पर अब भरोसा नहीं किया जा सकता। वे इस अपराध को अंजाम दे सकते हैं। अधिकारी ने यह भी बताया कि जब भी सैन्य तनाव बढ़ता है तो ईरान अपनी परमाणु सुविधाओं के 2-3 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर ये दवाएं देता है। 

यह भी पढ़ें: ईरान पर फिर हमले की तैयारी में अमेरिका, ट्रंप बोले- 10 मिनट में निशाना बना सकते हैं एक-दो परमाणु ठिकानों को

क्यों करते हैं आयोडीन की गोलियों के इस्तेमाल

परमाणु घटना की स्थिति में थायरॉयड ग्रंथि को रेडियोधर्मी आयोडीन सोखने से बचाने के लिए आयोडीन की गोलियों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इन गोलियों के वितरण का मतलब यह नहीं है कि कोई रेडिएशन इमरजेंसी आने ही वाली है। अमेरिका नई सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहा है। ताजा रिपोर्ट्स से पता चलता है कि वॉशिंगटन में भी सैन्य तैयारियां तेज हो रही हैं। ईरान के एक राजनीतिक पत्रकार ने अल जजीरा को बताया कि हाल ही में हुई एक ब्रीफिंग में अधिकारियों को जानकारी दी गई थी कि अमेरिका 'पिकएक्स माउंटेन' (Pickaxe Mountain) स्थित भारी सुरक्षा वाली परमाणु साइट पर हमले के बारे में गंभीरता से विचार कर रहा है।

अमेरिका में हमले को लेकर बैठकें हुईं

फॉक्स न्यूज के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक की जिसमें ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि ये बैठकें बुधवार और गुरुवार को व्हाइट हाउस में हुईं।फॉक्स न्यूज ने यह भी बताया कि 9 नवंबर को मध्य पूर्व में न्यू मून (अमावस्या) होगा, जिससे चांद की रोशनी बहुत कम या बिल्कुल नहीं होगी। ऐसी स्थिति सैन्य अभियानों के लिए फायदेमंद हो सकती है। हालांकि इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि कोई हमला तय किया गया है।

युद्ध को लेकर जल्द ही फैसला लेंगे

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए गुरुवार को ट्रंप ने कहा था कि वॉशिंगटन जल्द ही इस पर फैसला लेगा कि युद्ध को फिर से शुरू किया जाए या नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अमेरिका को और हमले करने चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम स्थायी रूप से खत्म हो जाए और ऐसा दोबारा कभी न हो। ट्रंप ने कहा- अगर संभव हो तो मैं बाकी देश को नष्ट नहीं करना चाहूंगा, लेकिन शायद मुझे ऐसा करना पड़े। आपको जल्द ही पता चल जाएगा। इस बीच, एक अमेरिकी अधिकारी ने मीडिया को बताया कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियानों को फिर से शुरू करने की तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। हालांकि, वॉशिंगटन की ओर से अभी तक आगे बढ़ने के लिए कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।

इराक ने अपने क्षेत्र के इस्तेमाल पर चेतावनी दी

बढ़ते तनाव के बीच इराक के प्रधानमंत्री अली फलेह अल-जैदी ने ट्रंप से फोन पर बात की और साफ कर दिया कि इराक अपने क्षेत्र का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले करने के लिए नहीं होने देगा। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से X पर जारी एक बयान में बगदाद के इस रुख को दोहराया गया। प्रधानमंत्री ने इराक का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि देशों की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए। इराक की जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ आक्रामक हमलों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। इराक की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा फिर से सैन्य कार्रवाई की संभावना ने पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की चिंता पैदा कर दी है।

Puneet Pandey
By Puneet Pandey

Latest Posts