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अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत रद्द; 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश

पहले जेडीयू से निष्कासन और अब सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका! दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह की जमानत रद्द, 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश।
अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत रद्द; 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश

बिहार के चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में मोकामा के विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उनकी जमानत रद्द करते हुए पटना हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। अदालत ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। साथ ही पुलिस को चार महीने के भीतर मामले की जांच पूरी करने को कहा है।

बेटी की शादी का दिया हवाला, कोर्ट ने नहीं दी राहत

सुनवाई के दौरान अनंत सिंह ने अपनी बेटी की शादी का हवाला देते हुए तुरंत सरेंडर करने से राहत मांगी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इस मांग को स्वीकार नहीं किया और उन्हें तय समय सीमा के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि हत्या के मामले को केवल राजनीतिक विवाद के तौर पर देखना सही नहीं है। मामले की जांच अभी जारी है और आगे मुकदमे के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।

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जेडीयू से भी हो चुके हैं निष्कासित

कानूनी मुश्किलों के बीच अनंत सिंह को हाल ही में जनता दल यूनाइटेड (JDU) से भी निष्कासित किया जा चुका है। पार्टी ने उनकी पत्नी नीलम देवी को भी बाहर का रास्ता दिखाया है। दरअसल, बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। उन्होंने नीरज कुमार को हराने के लिए जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया था। चुनाव में नीरज कुमार की जीत के बाद पार्टी ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पार्टी के फैसले पर कहा था कि पार्टी अनुशासन से चलती है और फैसले सभी की सहमति से लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम मुहर नीतीश कुमार लगाते हैं और पार्टी के फैसले को सभी को मानना पड़ता है।

क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?

दुलारचंद यादव की हत्या 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान हुई थी। वह जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान मोकामा में अनंत सिंह के काफिले और दुलारचंद यादव के पक्ष के लोगों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद दुलारचंद यादव की मौत हो गई। इस मामले में अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया था। बाद में पटना हाईकोर्ट ने मार्च 2026 में उन्हें जमानत दे दी थी। दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब शीर्ष अदालत के ताजा आदेश के बाद अनंत सिंह को दोबारा सरेंडर करना होगा।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...

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