ओंकारेश्वर में दर्दनाक हादसा, लोहे का गेट गिरने से चार वर्षीय बालिका की मौत

हादसे में दिव्या का भाई यश दंगोडे भी घायल हुआ, जिसका इलाज होने के बाद उसकी हालत बेहतर बताई गई है। दोनों बच्चे हेलीपैड के पीछे गेट के आसपास खेल रहे थे, इसी दौरान गेट के रोलर के नट-बोल्ट निकल गए और भारी गेट बच्चों के ऊपर आ गिरा। पास में क्रिकेट खेल रहे युवकों ने गेट उठाकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला और परिजनों को सूचना दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि पीडब्ल्यूडी ने गेट की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।
गेट के नीचे दबे दोनों बच्चे, युवकों ने बाहर निकाला
शनिवार दोपहर दिव्या, उसका भाई यश और कुछ अन्य बच्चे हेलीपैड के पीछे गेट के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान गेट के रोलर के नट-बोल्ट निकल गए और करीब तीन क्विंटल वजनी भारी भरकम गेट बच्चों के ऊपर आ गिरा, जिससे दिव्या और यश दोनों घायल हो गए।
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दिव्या के सिर में आई गंभीर चोट
हादसे के समय पास में क्रिकेट खेल रहे शुभम, गणेश, अविनाश, सतीश, विजय सहित अन्य युवक मौके पर पहुंचे। युवकों ने किसी तरह भारी गेट को उठाकर बच्चों को उसके नीचे से बाहर निकाला और परिजनों को सूचना दी। दोनों बच्चों को उपचार के लिए ओंकारेश्वर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सनावद रेफर किया गया।
उपचार के दौरान दिव्या की मौत
दिव्या के सिर में गंभीर चोट आई थी और हालत गंभीर होने के कारण उपचार के दौरान उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। यश के सिर में भी चोट आई थी, लेकिन उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल
परिजनों ने ओंकारेश्वर सिविल अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था और एंबुलेंस सुविधा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि दोनों बच्चों को बेहतर उपचार के लिए सनावद ले जाने की सलाह दी गई और एंबुलेंस मिलने में भी समय लगा। मेडिकल ऑफिसर रवि वर्मा ने कहा कि बालिका को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था, प्राथमिक उपचार करने के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए एंबुलेंस के माध्यम से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
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पीडब्ल्यूडी ने गेट की गुणवत्ता के आरोपों को बताया निराधार
पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री नरेंद्र सिंह मंडलोई ने गेट की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि विभाग द्वारा निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार निर्माण कराया जाता है और शिवाकोटी हेलीपैड का गेट भी राष्ट्रपति के आगमन के समय मजबूती से लगाया गया था। मंडलोई के अनुसार राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में वाहन वहां से गुजरे थे और उस समय गेट में किसी प्रकार की समस्या सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे गेट पर झूले की तरह खेल रहे थे तो उस पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से गेट को नुकसान हो सकता है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
मांधाता थाना प्रभारी अनोख सिंधिया ने बताया कि हेलीपैड के पीछे लगे गेट के पास बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान गेट गिरने से दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए और उपचार के दौरान दिव्या की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद हादसे के कारणों और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट होगी।




















