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आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में बालाघाट पहुंचे CJP संस्थापक, प्रभावित गांवों का किया दौरा

बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पहुंचे। उन्होंने प्रभावित गांवों का दौरा, मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात और जवाबदेही तय करने की मांग की।
आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में बालाघाट पहुंचे CJP संस्थापक, प्रभावित गांवों का किया दौरा
आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में बालाघाट पहुंचे दीपके

बालाघाट। आदिवासी बच्चों की मौत का मामला अब सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। इसी सिलसिले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार को बालाघाट पहुंचे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लेने और मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात करने की बात कही है। दीपके के साथ आदिवासी युवा भी प्रभावित गांवों में जाएंगे। बालाघाट पहुंचने के बाद उन्होंने आदिवासी बहुल इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कई गांवों में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं जिसके कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

टीकाकरण और पेयजल व्यवस्था पर उठाए सवाल

अभिजीत दीपके ने प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के टीकाकरण और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि ग्रामीणों को आज भी झीरिया के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में विकास की दर बढ़ने के दावे किए जाते हैं, लेकिन आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अब भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है।

मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे

दीपके ने कहा कि वह उन गांवों का दौरा करेंगे, जहां बच्चों की मौत हुई है। इस दौरान मृत बच्चों के परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्थिति और समस्याओं को समझने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद संगठन आगे की रणनीति तय करेगा। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उन्हें न्याय दिलाने के लिए संगठन उनके साथ खड़ा रहेगा।

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मंत्रियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग

CJP संस्थापक ने आदिवासी विकास और स्वास्थ्य विभाग के मंत्रियों के साथ संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए और वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करनी चाहिए। दीपके ने पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि संगठन के कार्यकर्ताओं को पीछे हटाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन संगठन आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी।

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तीन महीने में 31 बच्चों की मौत का दावा

जानकारी के अनुसार बैहर क्षेत्र की अडोरी और मछुरदा पंचायत के गांवों में पिछले तीन महीनों के दौरान 31 बच्चों की मौत होने की बात सामने आई है। वहीं अस्पताल में खसरा, मलेरिया, निमोनिया, चर्म रोग और बुखार से पीड़ित करीब 50 बच्चों के भर्ती होने की जानकारी दी गई है। सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन के अनुसार प्रतिदिन करीब 5 से 10 बच्चे उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। बालाघाट पहुंचे अभिजीत दीपके ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति को करीब से देखने और मृत बच्चों के परिवारों से मिलने की बात कही है। अब इस दौरे के बाद संगठन की ओर से आगे की रणनीति और आंदोलन को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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