सीहोर: राष्ट्रीय लोक अदालत में 4,208 प्रकरणों का निराकरण, 13.02 करोड़ रुपए की समझौता राशि जमा

सीहोर। नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित 1,272 प्रकरणों का आपसी राजीनामे के आधार पर निराकरण किया गया। इन मामलों में कुल 9 करोड़ 41 लाख 74 हजार 832 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। वहीं 2,936 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण करते हुए 3 करोड़ 60 लाख 25 हजार 715 रुपये की समझौता राशि जमा कराई गई।
दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ शुभारंभ
लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश और अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजीव कुमार अग्रवाल ने किया। उन्होंने जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित की तथा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। इस दौरान न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, पैनल अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स, पैरालीगल वॉलेंटियर्स और पक्षकार मौजूद रहे।
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जल्द और कम खर्चीला न्याय देना उद्देश्य
प्रधान जिला न्यायाधीश संजीव कुमार अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य केवल न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का निराकरण करना नहीं है, बल्कि पक्षकारों को आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवाद खत्म करने का अवसर देना भी है। इससे लोगों को जल्द, सुलभ और कम खर्चीला न्याय मिलता है। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से विवाद समाप्त होने से पक्षकारों के बीच संबंध भी बेहतर बने रहते हैं।
पति-पत्नी ने मतभेद भुलाकर फिर साथ रहने का लिया फैसला
कुटुम्ब न्यायालय सीहोर में विचाराधीन दो पारिवारिक विवादों में लोक अदालत के दौरान समझाइश के बाद पति-पत्नी ने अपने मतभेद भुलाकर फिर साथ रहने पर सहमति जताई। प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय वैभव मण्डलोई ने दोनों पक्षों को पारिवारिक जीवन और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए समझाइश दी। राजीनामा होने के बाद प्रधान जिला न्यायाधीश संजीव कुमार अग्रवाल एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्वप्नश्री सिंह की मौजूदगी में दोनों दंपतियों को पौधे दिए गए। एक-दूसरे को फूल-माला पहनाकर दोनों दंपतियों को खुशी-खुशी घर के लिए विदा किया गया।
बैंक और बिजली बकाया मामलों में भी मिली राहत
लोक अदालत में बैंक लोन और विद्युत बकाया से जुड़े प्रिलिटिगेशन मामलों का भी निराकरण किया गया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्वप्नश्री सिंह के समन्वय से बैंक शाखा प्रबंधकों, विद्युत विभाग और आवेदकों के बीच सुलह और समझाइश कराई गई। कई मामलों में पक्षकारों को समझौता राशि में अधिकतम संभव छूट और राशि किश्तों में जमा करने की सुविधा दी गई।
पौधे देकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
राजीनामा करने वाले पक्षकारों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पौधे वितरित किए गए। न्यायिक अधिकारियों ने फूल-माला और पौधे देकर पक्षकारों को प्रोत्साहित किया। इस पहल के माध्यम से लोक अदालत के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
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विभिन्न विभागों के स्टॉलों का किया निरीक्षण
लोक अदालत परिसर में बैंक, नगर पालिका और विद्युत विभाग सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाए। अधिकारियों ने स्टॉलों का निरीक्षण कर आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को जल्द और यथोचित निराकरण के निर्देश दिए। वहीं इंटर्नशिप कर रही छात्राओं को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
सफलता के लिए सभी सहयोगियों का जताया आभार
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्वप्नश्री सिंह ने कहा कि नेशनल लोक अदालत आमजन के लिए विवादों के जल्द और सरल समाधान का प्रभावी माध्यम है। आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय किया गया। उन्होंने राजीनामा करने वाले पक्षकारों को बधाई देते हुए कहा कि विवाद का अंत केवल एक प्रकरण का निराकरण नहीं, बल्कि परिवार और समाज में शांति एवं सौहार्द की स्थापना की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।




















