CM हाउस में तीजा-पोरा की धूम, सीएम साय बोले- लखपति बन रही हैं हमारी बहनें

प्रेम कुमार,रायपुर: छत्तीसगढ़ में आज तीजा-पोरा पर्व की धूम है। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भी तीजा-पोरा का रंग पूरी तरह चढ़ा नजर आया। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम में पहुंचीं। इस दौरान छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत और नृत्य से मुख्यमंत्री निवास का माहौल उत्सवमय हो गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला सशक्तिकरण का जिक्र किया और कहा कि महतारी वंदन योजना और लखपति दीदी योजना से हमारी बहनें आत्मनिर्भर बनने के साथ लखपति बन रही हैं।
CM हाउस में दिखा छत्तीसगढ़ी संस्कृति का रंग
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित तीजा-पोरा कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से महिलाएं शामिल हुईं। पारंपरिक परिधानों में पहुंचीं महिलाओं ने छत्तीसगढ़ी गीतों पर नृत्य कर कार्यक्रम में लोक संस्कृति की खूबसूरत छटा बिखेरी। पूरे परिसर में तीजा-पोरा की परंपराओं और उत्साह का माहौल नजर आया।
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लखपति बन रही हैं हमारी बहनें- CM साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना और लखपति दीदी योजना के जरिए हमारी बहनें आत्मनिर्भर बन रही हैं और लखपति बन रही हैं। सीएम साय ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। महिला सशक्तिकरण को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

आज बहनों को मायके की याद आ रही होगी
तीजा पर्व के भावनात्मक पहलू का जिक्र करते हुए सीएम साय ने कहा कि आज बहनों को अपने मायके की याद आ रही होगी। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल महिलाओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि वे अपने भाई के यहां आई हैं। सीएम के इस संबोधन में तीजा पर्व से जुड़े भाई-बहन के रिश्ते और मायके की भावनाओं की झलक भी दिखाई दी।
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रिश्तों और परंपराओं से जुड़ा है तीजा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के प्रतीक हैं। तीजा माताओं-बहनों, परिवार और रिश्तों से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह त्योहार महिलाओं के मायके से जुड़े भावनात्मक रिश्तों को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोकपर्व छत्तीसगढ़ की संस्कृति को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का काम करते हैं।
किसानों और पशुधन के सम्मान का पर्व पोरा
सीएम साय ने पोरा पर्व का उल्लेख करते हुए इसे प्रदेश के अन्नदाताओं, खेती और पशुधन के सम्मान से जोड़कर बताया। उन्होंने कहा कि तीजा और पोरा जैसे लोकपर्व केवल उत्सव नहीं हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण जीवनशैली और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

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महिलाओं ने गीत-संगीत से बांधा समां
कार्यक्रम में प्रदेशभर से पहुंची महिलाओं ने छत्तीसगढ़ी लोकगीतों पर नृत्य किया। पारंपरिक गीतों और उत्साह के बीच महिलाओं ने तीजा-पोरा की परंपराओं को जीवंत किया। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित यह कार्यक्रम प्रदेश की लोक संस्कृति और महिला सहभागिता का खास मंच बन गया।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और गजेंद्र यादव भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में बाल एवं विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी मौजूद रहे। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने महिलाओं को तीजा-पोरा पर्व की शुभकामनाएं दीं और सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं की जानकारी साझा की।
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सरकार का महिला सशक्तिकरण पर जोर
तीजा-पोरा कार्यक्रम के जरिए मुख्यमंत्री साय ने एक बार फिर महिला सशक्तिकरण और सरकार की योजनाओं को प्रमुखता से सामने रखा। कार्यक्रम में संस्कृति, परंपरा, रिश्तों और महिला आत्मनिर्भरता का संगम देखने को मिला।




















