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No PUC No Fuel Delhi NCR: बिना PUC सर्टिफिकेट के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, 1 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम

1 अक्टूबर 2026 से दिल्ली-NCR में वैध PUC के बिना वाहनों को फ्यूल देने पर रोक होगी। जानें नियम, ANPR जांच और वाहन मालिकों के लिए जरूरी बातें।
No PUC No Fuel Delhi NCR: बिना PUC सर्टिफिकेट के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, 1 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम
1 अक्टूबर से बिना PUC नहीं मिलेगा फ्यूल

दिल्ली-NCR में वाहन चलाने वालों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। वैध Pollution Under Control Certificate (PUCC/PUC) नहीं होने पर पेट्रोल पंप से वाहन में ईंधन भरवाने में परेशानी हो सकती है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए Commission for Air Quality Management (CAQM) ने पूरे NCR में वैध PUCC के बिना ईंधन देने पर रोक की व्यवस्था तय की है। यानी अगर आपकी गाड़ी का PUC एक्सपायर हो चुका है, तो 1 अक्टूबर से पहले उसे अपडेट कराना जरूरी है। दिल्ली में इस व्यवस्था को 500 ANPR-enabled फ्यूल स्टेशनों पर मिशन मोड में लागू करने की तैयारी है।

No PUC No Fuel Rule क्या है?

इस नियम का सीधा मतलब है कि बिना वैध PUC प्रमाणपत्र वाले वाहनों को पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। फ्यूल स्टेशन पर वाहन के नंबर के आधार पर PUC की वैधता जांची जा सकती है। CAQM के निर्देश के मुताबिक 1 अक्टूबर 2026 से यह व्यवस्था पूरे NCR में लागू करने की योजना है। इसका उद्देश्य ऐसे वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है जिनके पास वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं है।

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दिल्ली में 500 पेट्रोल पंप पर होगी सख्त जांच

दिल्ली सरकार ने 1 अक्टूबर से 500 ANPR-enabled पेट्रोल पंपों पर जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चलाने की जानकारी दी है। ANPR यानी Automatic Number Plate Recognition कैमरा वाहन की नंबर प्लेट को पहचानने में मदद करता है। इसके अलावा एनसीआर के दूसरे हिस्सों में भी तकनीक आधारित सत्यापन व्यवस्था तैयार की जा रही है। गौतम बुद्ध नगर में अधिकारियों के मुताबिक मोबाइल ऐप के जरिए भी वाहन नंबर डालकर PUCC की स्थिति कुछ सेकंड में देखी जा सकती है।

वाहन मालिकों को क्या करना होगा?

  • अपनी गाड़ी का PUC स्टेटस चेक करें।
  • PUC की एक्सपायरी डेट जरूर देखें।
  • प्रमाणपत्र एक्सपायर हो गया है तो समय रहते नया PUC बनवाएं।
  • वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध रखें।
  • 1 अक्टूबर के बाद पेट्रोल पंप पर जाने से पहले PUC वैध होने की पुष्टि करें।
  • किन वाहनों पर लागू होगा नियम?

‘No PUCC, No Fuel’ व्यवस्था का संबंध वाहनों के वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र से है। यानी पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन वाले ऐसे वाहन जिनके लिए PUCC जरूरी है, उन्हें वैध प्रमाणपत्र रखना होगा। इसका मकसद केवल पेट्रोल-डीजल वाहनों की जांच करना नहीं, बल्कि वाहन प्रदूषण की निगरानी को तकनीक से जोड़ना है। सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए वाहन उत्सर्जन के साथ सड़क की धूल, निर्माण कार्य, कचरा जलाने और अन्य स्रोतों पर भी कार्रवाई की योजना बनाई है।

PUC नहीं हुआ तो 10 हजार रुपए का जुर्माना?

बिना वैध PUC वाहन चलाने पर मोटर वाहन नियमों के तहत जुर्माना लग सकता है, लेकिन ‘No PUC, No Fuel’ नियम और चालान की कार्रवाई अलग-अलग पहलू हैं। इसलिए वाहन मालिकों को केवल पेट्रोल पंप पर ईंधन मिलने की चिंता नहीं करनी चाहिए, बल्कि वाहन का PUC वैध रखना भी जरूरी है। पुराने वाहनों को लेकर भी दिल्ली में अलग-अलग प्रतिबंध लागू हैं। इसलिए वाहन की उम्र, ईंधन और पंजीकरण क्षेत्र के आधार पर लागू नियमों को भी ध्यान में रखना होगा।

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PUC टेस्ट में आखिर जांच क्या होती है?

PUC टेस्ट का उद्देश्य वाहन से निकलने वाले प्रदूषण की निर्धारित सीमा के भीतर होने की जांच करना है। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी बताया है कि मौजूदा परीक्षण वाहन से निकलने वाले हर प्रदूषक को नहीं मापता। उदाहरण के तौर पर सामान्य PUC जांच कुछ प्रमुख गैसों और डीजल वाहनों में धुएं की अपारदर्शिता पर आधारित होती है। इसलिए PUC व्यवस्था को प्रदूषण नियंत्रण की पूरी रणनीति के बजाय एक महत्वपूर्ण निगरानी उपाय के तौर पर देखा जा रहा है।

सर्दियों से पहले क्यों सख्त किया जा रहा है नियम?

दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान हवा की गुणवत्ता खराब होने की समस्या बढ़ जाती है। इसी वजह से सरकार ने 2026-27 के लिए कई स्तरों पर प्रदूषण नियंत्रण की योजना बनाई है। वाहनों से होने वाले उत्सर्जन के अलावा रोड डस्ट, निर्माण और ध्वस्तीकरण, औद्योगिक उत्सर्जन, कचरा और बायोमास जलाने जैसे स्रोतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। केंद्र और दिल्ली सरकार के अधिकारियों की बैठक में भी वाहन प्रदूषण पर विशेष जोर दिया गया है। अभियान को केवल सर्दियों तक सीमित न रखने और पूरे साल प्रदूषण नियंत्रण पर काम करने की बात कही गई है।

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1 से 10 अक्टूबर तक Metro Sarathi App अभियान

प्रदूषण नियंत्रण योजना में निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की भी योजना है। 1 से 10 अक्टूबर के बीच दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान RWAs और जनप्रतिनिधियों के साथ डाउनलोड कैंप आयोजित करने की योजना है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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