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नीति आयोग की बैठक छोड़कर निकलीं ममता बनर्जी, कहा- मुझे बोलने तक नहीं दिया; I.N.D.I.A ब्लॉक के 7 CM कर चुके बॉयकॉट

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नीति आयोग की बैठक छोड़कर निकलीं ममता बनर्जी, कहा- मुझे बोलने तक नहीं दिया; I.N.D.I.A ब्लॉक के 7 CM कर चुके बॉयकॉट
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में दिल्ली में नीति आयोग की 9वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक चल रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गईं। ममता ने वॉकआउट करने की वजह बताते हुए कहा- बैठक में विपक्ष की ओर से सिर्फ मैं शामिल हुई थी। भाजपा के मुख्यमंत्रियों को बोलने के लिए 15 मिनट का समया दिया गया, जबकि मुझे 5 मिनट मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया।

मेरा माइक बंद कर दिया : ममता बनर्जी

बैठक से निकलने के बाद ममता बनर्जी ने कहा, "मैंने बैठक का बहिष्कार किया है. चंद्रबाबू नायडू को बोलने के लिए 20 मिनट दिए गए, असम, गोवा, छत्तीसगढ़ के सीएम ने 10-12 मिनट तक बात की। मुझे सिर्फ पांच मिनट बाद बोलने पर ही रोक दिया गया। जब मैं पश्चिम बंगाल के मुद्दे पर बोल रही थी, तब मेरा माइक बंद कर दिया गया। मुझे अपनी पूरी बात नहीं रखने दी गई। विपक्ष से मैं अकेली थी जो इस बैठक में भाग ले रही थी लेकिन फिर भी मुझे बोलने नहीं दिया गया। क्या राज्य के मुद्दों को रखना गलत है। यहां मेरा और पश्चिम बंगाल के लोगों का अपमान किया गया।

बैठक में शामिल नहीं हुए I.N.D.I.A ब्लॉक के ये 7 सीएम

बैठक में I.N.D.I.A ब्लॉक के 7 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए। इनमें एम के स्टालिन (तमिलनाडु), सिद्धरमैया (कर्नाटक), रेवंत रेड्‌डी (तेलंगाना), सुखविंदर सिंह सुक्खू (हिमाचल प्रदेश), पी. विजयन (केरल), हेमंत सोरेन (झारखंड), भगवंत मान (पंजाब) और अरविंद केजरीवाल (नई दिल्ली) शामिल हैं।

नीति आयोग की बैठक का मुख्य एजेंडा

नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। भारत को विकसित बनाने के लिए राज्यों की भूमिका पर भी चर्चा की जाएगी। केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग के जरिए गांवों और शहरों में रहने वाली जनता की क्वालिटी ऑफ लाइफ में सुधार लाने के लिए डिलिवरी मैकेनिज्म तैयार करने पर चर्चा की जाएगी। नीति आयोग का कहना है कि देश 5 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। देश 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को हासिल करेगा।

क्या है नीति आयोग?

नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया को नीति (NITI) आयोग के नाम से जाना जाता है। यह भारत सरकार का एक नीति थिंक टैंक है, जो सरकार के कामों और नीतियों की जानकारी देता है।  देश के विकास के लिए नीतियां बनाना और राज्यों को सलाह देना इसका उद्देश्य है। इस संस्थान की गवर्निंग काउंसिल मीटिंग हर साल होती है। जिसमें देश के प्रधानमंत्री, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री हिस्सा लेते हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने 2015 में 65 साल पुराने योजना आयोग की जगह नीति आयोग का गठन किया था। आयोग के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। अध्यक्ष के अलावा एक उपाध्यक्ष और एक कार्यकारी अधिकारी होता है, इनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री करते हैं। नीति आयोग सरकार के लॉन्ग टर्म पॉलिसी और कार्यक्रमों के लिए रणनीति तैयार करने में अहम रोल निभाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने 8 फरवरी 2015 को नीति आयोग की पहली बैठक की अध्यक्षता की थी। ये भी पढ़ें- पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री विश्वनाथ चौधरी का निधन, CM ममता बनर्जी ने सभी कार्यालयों में आधे दिन की छुट्टी का ऐलान किया ये भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकी हमला : 1 जवान शहीद, मेजर समेत 4 जवान घायल; एक आतंकी ढेर
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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