इंडिगो रोस्टर संकट खत्म!DGCA ने वापस लिया अपना आदेश, उड़ानें पटरी पर लौटने को तैयार

इंडिगो रोस्टर संकट खत्म! DGCA ने पुराने नियम वापस लेते हुए पायलटों को साप्ताहिक आराम के बदले छुट्टी देने की अनुमति दे दी है। नए नियमों से उड़ानों में व्यवधान कम होंगे और परिचालन सुचारू होगा। DGCA ने पायलटों और एयरलाइनों से सहयोग की अपील की है ताकि यात्रियों को असुविधा से बचाया जा सके।
DGCA ने वापस लिया अपना आदेश, उड़ानें पटरी पर लौटने को तैयार
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पिछले दो दिनों से जारी इंडिगो एयरलाइन से जुड़ा परिचालन संकट अब खत्म होने वाला है। DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने अपने पुराने नियम को वापस ले लिया है, जिससे पायलट और क्रू के लिए साप्ताहिक आराम के बदले छुट्टी की रोक हट गई है।

    DGCA ने क्यों लिया यह फैसला?

    DGCA को कई एयरलाइनों से आवेदन मिले थे। साथ ही लगातार उड़ानों में व्यवधान को देखते हुए फ्लाइट संचालन की निरंतरता और स्थिरता बनाए रखना जरूरी माना गया। इसलिए पुराने नियम की समीक्षा की गई और इसे वापस लेने का निर्णय लिया गया।

    कौन सा नियम वापस हुआ?

    DGCA ने अपने पहले के पत्र (दिनांक 20.01.2025) के उस पैराग्राफ को वापस ले लिया है, जिसमें निर्देश था कि साप्ताहिक आराम के बदले कोई छुट्टी नहीं दी जाएगी। यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के साथ तुरंत लागू कर दिया गया है।

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    रोस्टर क्राइसिस क्या था?

    इंडिगो ने लगातार उड़ान रद्द होने के लिए तकनीकी खराबी, मौसम और नए क्रू रोस्टरिंग नियमों को जिम्मेदार बताया। एयरलाइन का कहना था कि 1 नवंबर से लागू फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियमों के कारण पायलट और चालक दल की कमी हो रही थी। नए नियमों में फ्लाइट घंटे सीमित किए गए और लंबी आराम अवधि अनिवार्य की गई।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने कहा कि अन्य एयरलाइंस पर इन नए नियमों का असर नहीं पड़ा, इसलिए इंडिगो की उड़ान रद्दियों के लिए यह सही वजह नहीं हो सकती।

    FDTL के नए नियम क्या थे?

    1 नवंबर से DGCA ने नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम लागू किए। इसमें प्रमुख बदलाव इस प्रकार थे-

    • हफ्ते में आराम की अवधि बढ़ाकर 48 घंटे कर दी गई।
    • रात की ड्यूटी के दौरान एक हफ्ते में सिर्फ दो लैंडिंग की अनुमति दी गई (पहले छह थी)।
    • रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच पायलट की लैंडिंग सीमा तय की गई।

    DGCA की अपील

    DGCA ने देशभर में उड़ान प्रभावित होने के चलते सभी पायलट एसोसिएशनों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि पायलटों का समर्थन उड़ान संचालन की स्थिरता के लिए जरूरी है। यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए पायलट और एयरलाइनों के बीच समन्वय जरूरी है। पीक यात्रा और छुट्टियों के सीजन में देरी और रद्दीकरण बढ़ सकते हैं। विमानन नियामक ने यात्रियों की सुरक्षा और FDTL नियमों के पालन की प्रतिबद्धता दोहराई।

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    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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