NEET-UG में बड़ा खुलासा! CBI चार्जशीट में एक्सपर्ट्स पर गंभीर आरोप, NTA के एक्सपर्ट्स ने कराया पेपर लीक

नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट से परीक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि प्रश्नपत्र किसी प्रिंटिंग प्रेस से लीक नहीं हुआ बल्कि परीक्षा से जुड़ी गोपनीय प्रक्रिया के दौरान कुछ विषय विशेषज्ञों ने जानकारी बाहर पहुंचाई। CBI के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े विशेषज्ञों ने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया। इस मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आई है और जांच एजेंसी ने डिजिटल रिकॉर्ड, नोटबुक और अन्य सबूतों को अहम आधार बनाया है।
NTA विशेषज्ञों की भूमिका पर CBI का दावा
CBI के अनुसार, प्रश्नपत्र तैयार होने के बाद उसके अनुवाद, जांच और प्रूफरीडिंग की प्रक्रिया के दौरान कुछ विशेषज्ञों को इसकी जानकारी मिली। जांच एजेंसी का दावा है कि इसी दौरान प्रश्नपत्र की गोपनीय जानकारी बाहर पहुंचाई गई। CBI ने कुछ विषय विशेषज्ञों के नाम भी चार्जशीट में शामिल किए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की गई है।
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प्रश्नों और उत्तरों को मौखिक रूप से बताया गया
जांच में सामने आया कि कुछ उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले सवाल और उनके सही जवाब बताए गए। CBI के मुताबिक, प्रश्नों को लिखित डिजिटल माध्यम से भेजने की जगह उम्मीदवारों से उन्हें नोटबुक में लिखवाया गया, ताकि कोई ऑनलाइन रिकॉर्ड न रहे। जांच एजेंसी ने कई ऐसी नोटबुक बरामद की हैं, जिनमें असली प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते सवाल मिले हैं।
फिजिक्स के सवालों को आगे भेजने का आरोप
CBI ने अपनी जांच में बताया कि फिजिक्स विषय से जुड़े कुछ सवालों की जानकारी आगे पहुंचाई गई। जांच के अनुसार, कुछ लोगों ने हस्तलिखित नोट्स तैयार किए और उनकी तस्वीरें दूसरे लोगों को भेजी गईं। इसके बाद यह सामग्री कई उम्मीदवारों और कोचिंग से जुड़े लोगों तक पहुंची। एजेंसी ने इस पूरी प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की है।
अस्पताल में परीक्षा की तैयारी कराने का दावा
चार्जशीट में CBI ने दावा किया है कि कुछ उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले एक जगह बुलाकर प्रश्नों की तैयारी कराई गई। जांच के अनुसार, उन्हें संभावित सवालों और उत्तरों को याद कराया गया। इसके बाद लीक हुई जानकारी अलग-अलग माध्यमों से कई छात्रों तक पहुंची। CBI ने इस पूरे नेटवर्क को समझने के लिए कई लोगों से पूछताछ की है।
टेलीग्राम और पैसे के लेनदेन की जांच
जांच एजेंसी के अनुसार, लीक हुए प्रश्नपत्र की डिजिटल कॉपी बनाकर उसे टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए आगे भेजा गया। इसके बदले पैसों के लेनदेन की बात भी सामने आई है। CBI ने कुछ बैंक रिकॉर्ड और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को जांच का हिस्सा बनाया है। एजेंसी का कहना है कि आर्थिक लेनदेन से जुड़े सबूत मामले में महत्वपूर्ण हैं।
फॉरेंसिक जांच से मिले अहम सबूत
CBI ने बताया कि बरामद दस्तावेजों और नोटबुक की जांच फॉरेंसिक विशेषज्ञों से कराई गई। हैंडराइटिंग जांच और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर कई कड़ियों को जोड़ा गया। एजेंसी ने दावा किया है कि बरामद सामग्री और वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्र में समानता मिली है।
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अदालत में होगी आगे की सुनवाई
NEET-UG पेपर लीक मामले में दिल्ली की अदालत अब CBI की चार्जशीट पर आगे की प्रक्रिया शुरू करेगी। जांच एजेंसी अभी भी मामले से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। इस मामले ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।




















