PM मोदी की युवाओं से खास अपील, हैंडलूम पहनें और GRWM वीडियो बनाकर करें शेयर!

नई दिल्ली। राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं से भारतीय हैंडलूम और बुनकरों का समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि जिस उत्साह से युवा फ्रेंडशिप डे मनाते हैं, उसी तरह हैंडलूम डे भी मनाएं। प्रधानमंत्री ने लोगों से हैंडलूम के कपड़े खरीदने, उन्हें पहनने और सोशल मीडिया पर ‘गेट रेडी विद मी’ यानी GRWM वीडियो बनाकर साझा करने का आग्रह किया। उनका कहना है कि इससे भारतीय बुनकरों को पहचान मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत के अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
हैंडलूम डे को खास बनाने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि 7 अगस्त का दिन भारत के इतिहास में खास महत्व रखता है। इसी दिन वर्ष 1905 में स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी, जिसने देश को आत्मनिर्भर बनने की दिशा दिखाई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस उसी भावना को आगे बढ़ाने का अवसर है और हर नागरिक को इसमें भाग लेना चाहिए।
युवाओं से GRWM वीडियो बनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे हैंडलूम के कपड़े पहनकर ‘गेट रेडी विद मी’ यानी GRWM वीडियो बनाएं और उसे सोशल मीडिया पर साझा करें। उनका मानना है कि आज के दौर में सोशल मीडिया लोगों तक तेजी से पहुंचने का सबसे आसान माध्यम है। अगर युवा इस अभियान से जुड़ेंगे तो भारतीय हैंडलूम को देश और दुनिया में नई पहचान मिलेगी।
बुनकर परिवारों को मिलेगा सहारा
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लाखों बुनकर परिवार अपने हाथों से सुंदर कपड़े तैयार करते हैं। इन परिवारों की मेहनत को सम्मान और बाजार दोनों की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे हैंडलूम का कम से कम एक उत्पाद जरूर खरीदें। इससे छोटे कारीगरों की आय बढ़ेगी और उनकी पारंपरिक कला भी सुरक्षित रहेगी।
हैंडलूम हमारी विरासत की पहचान
भारत की कई पारंपरिक बुनाई शैलियां आज भी अपनी खास पहचान रखती हैं, लेकिन बदलते समय में कुछ कलाएं धीरे-धीरे खत्म होने के खतरे का सामना कर रही हैं। हिमरू, पटोला, बावनबुट्टी और कोडाली करुप्पुर जैसी पारंपरिक बुनाई भारतीय शिल्पकला की अनमोल धरोहर हैं। प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि इन कलाओं को बचाने के लिए लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है।
आत्मनिर्भर भारत से जोड़ा संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब लोग देश में बने उत्पाद खरीदते हैं तो इसका सीधा लाभ स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्योगों को मिलता है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी मजबूत होगा, जब हर नागरिक स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देगा। हैंडलूम खरीदना केवल खरीदारी नहीं बल्कि देश के मेहनतकश परिवारों का समर्थन करना भी है।
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सोशल मीडिया बनेगा बदलाव का माध्यम
प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपने वीडियो और पोस्ट के जरिए दूसरों को भी हैंडलूम अपनाने के लिए प्रेरित करें। उनका कहना है कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं। अगर ज्यादा लोग इस अभियान से जुड़ेंगे तो भारतीय हैंडलूम उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी और बुनकरों का भविष्य भी मजबूत होगा।











