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Raipur News:NEET छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब छत्तीसगढ़ में ही बनेगा दिव्यांग सर्टिफिकेट, MBBS एडमिशन हुआ आसान

NMC ने AIIMS रायपुर समेत 4 मेडिकल कॉलेजों को PwD प्रमाणपत्र जारी करने की मंजूरी दी, छत्तीसगढ़ के NEET क्वालिफाइड दिव्यांग छात्रों के लिए मेडिकल एडमिशन की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने AIIMS रायपुर, पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर, सिम्स बिलासपुर और मेडिकल कॉलेज जगदलपुर को PwD प्रमाणपत्र जारी करने की अनुमति प्रदान की है।
NEET छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब छत्तीसगढ़ में ही बनेगा दिव्यांग सर्टिफिकेट, MBBS एडमिशन हुआ आसान

रायपुर: NEET 2026 के दिव्यांग (PwD) अभ्यर्थियों के लिए छत्तीसगढ़ से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों को दिव्यांग प्रमाणपत्र (PwD Certificate) जारी करने की मान्यता दे दी है। अब MBBS के ऑल इंडिया कोटे (AIQ) में प्रवेश लेने वाले दिव्यांग छात्रों को प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दूसरे राज्यों के मेडिकल कॉलेजों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

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NEET छात्रों के लिए राहत, अब छत्तीसगढ़ में ही बनेगा PwD सर्टिफिकेट

छत्तीसगढ़ के NEET क्वालिफाइड दिव्यांग छात्रों के लिए मेडिकल एडमिशन की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने AIIMS रायपुर, पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर, सिम्स बिलासपुर और मेडिकल कॉलेज जगदलपुर को PwD प्रमाणपत्र जारी करने की अनुमति प्रदान की है। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026 से लागू होगी।

दूसरे राज्यों की दौड़ से मिलेगी मुक्ति

अब तक छत्तीसगढ़ के दिव्यांग छात्रों को PwD प्रमाणपत्र बनवाने के लिए चेन्नई, जबलपुर सहित दूसरे राज्यों के चुनिंदा मेडिकल कॉलेजों में जाना पड़ता था। इससे छात्रों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता था और समय भी अधिक लगता था। अब यह पूरी प्रक्रिया राज्य के भीतर ही पूरी हो सकेगी।

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ऑल इंडिया कोटे में मिलेगा सीधा फायदा

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा उन छात्रों को होगा जो NEET परीक्षा पास कर ऑल इंडिया MBBS कोटे के तहत दिव्यांग श्रेणी से प्रवेश लेना चाहते हैं। अब आवश्यक मेडिकल मूल्यांकन और प्रमाणपत्र राज्य में ही उपलब्ध होने से प्रवेश प्रक्रिया तेज और सरल होगी।

कम कटऑफ का मिलता है लाभ

MBBS प्रवेश में PwD श्रेणी के उम्मीदवारों को सामान्य वर्ग की तुलना में कम कटऑफ का लाभ मिलता है। निर्धारित दिव्यांगता मानकों को पूरा करने वाले पात्र अभ्यर्थी इस आरक्षण का लाभ उठाकर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।

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सिकल सेल पीड़ित छात्रों के लिए भी अवसर

छत्तीसगढ़ में सिकल सेल बीमारी से प्रभावित छात्रों को भी निर्धारित नियमों के अनुसार दिव्यांग श्रेणी का लाभ मिल सकता है। हालांकि चिकित्सा शिक्षा विभाग के अनुसार पिछले दस वर्षों में सिकल सेल पॉजिटिव किसी छात्र के MBBS प्रवेश का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम करेगी जांच

पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी के अनुसार NMC के दिशा-निर्देशों के तहत विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम दिव्यांग छात्रों का मेडिकल परीक्षण करेगी। पात्र पाए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार PwD प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

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क्या बदलेगा इस फैसले से?

NEET दिव्यांग छात्रों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

MBBS ऑल इंडिया कोटे की प्रक्रिया होगी आसान।

मेडिकल जांच और प्रमाणपत्र एक ही राज्य में उपलब्ध होंगे।

दिव्यांग और सिकल सेल प्रभावित छात्रों को मिलेगा लाभ।

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...Read More

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