IPS रतनलाल डांगी केस में बड़ा अपडेट,हाईकोर्ट में सरकार ने कहा- प्राथमिक जांच में आरोप हुआ प्रमाणित

रायपुर/बिलासपुर: निलंबित IPS अधिकारी रतनलाल डांगी से जुड़े महिला उत्पीड़न मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अहम जानकारी दी है। सरकार ने अदालत को बताया कि मामले की प्राथमिक जांच में लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए हैं। इसके साथ ही आगे की जांच के लिए नए अधिकारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव भी कोर्ट के सामने रखा गया।
हाईकोर्ट में सरकार का बड़ा अपडेट
राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले की प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद शिकायत में लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए हैं। इसके बाद अब जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, यह प्राथमिक जांच का निष्कर्ष है; मामले का अंतिम न्यायिक फैसला अभी नहीं हुआ है।
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जांच के लिए दो IPS अधिकारियों के नाम प्रस्तावित
सरकार के मुताबिक, पुलिस महानिदेशक (DGP) की ओर से गृह सचिव को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें IPS दीपांशु काबरा को जांच अधिकारी और IPS प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाए जाने का प्रस्ताव है। अगली सुनवाई में इस जांच प्रक्रिया को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
पहले की जांच पर क्यों उठे सवाल?
मामले में याचिकाकर्ता की ओर से पहले से चल रही जांच प्रक्रिया और जांच अधिकारियों की भूमिका पर आपत्ति जताई गई थी। याचिका में निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच के लिए IPS आनंद छाबड़ा और IPS मिलना कुर्रे की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।
संपत्तियों की जांच की मांग भी सामने आई
शिकायतकर्ता की ओर से रतनलाल डांगी से जुड़ी कथित चल-अचल संपत्तियों की जांच की मांग भी उठाई गई है। शिकायत में छत्तीसगढ़ के रायपुर, धरमपुरा, राजिम, कटघोरा और बिलासपुर समेत राजस्थान के कुछ स्थानों पर कथित संपत्तियों का उल्लेख किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का दावा उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है।
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12 अगस्त के बाद कोर्ट ने मांगा था जवाब
मामले की 12 अगस्त 2026 की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा था। इसके बाद 2 सितंबर की सुनवाई में पुलिस विभाग की ओर से जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने की बात सामने आई थी। 29 सितंबर को प्रस्तावित सुनवाई नहीं हो सकी और अब अगली सुनवाई अगले सप्ताह होने की जानकारी दी गई है।
DGP से शुरू होकर हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
यह मामला एक महिला योगा टीचर की शिकायत से जुड़ा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, महिला ने आरोप लगाया कि तत्कालीन IG रतनलाल डांगी के साथ वीडियो कॉल के जरिए योग सीखने के दौरान कथित आपत्तिजनक व्यवहार किया गया। महिला ने बाद में पुलिस महानिदेशक और गृह विभाग के अधिकारियों के समक्ष शिकायत की।
15 अक्टूबर 2025 को DGP से की थी शिकायत
रिपोर्टों के मुताबिक, महिला ने 15 अक्टूबर 2025 को तत्कालीन DGP के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की थी। इसके बाद जांच की प्रक्रिया शुरू हुई। बाद में कार्रवाई से असंतुष्ट होने का आरोप लगाते हुए महिला ने केंद्र और राज्य के गृह विभाग के अधिकारियों के समक्ष भी शिकायत दी और हाईकोर्ट का रुख किया।
अब आगे क्या होगा?
अब पूरे मामले में अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार की ओर से प्राथमिक जांच के निष्कर्ष और नई जांच व्यवस्था का प्रस्ताव कोर्ट के सामने आने के बाद आगे की जांच किस तरह आगे बढ़ती है, इस पर नजर रहेगी। अंतिम निष्कर्ष और न्यायिक निर्णय आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।




















