NGT ने मंदसौर में घनी बस्ती में ब्लास्टिंग और क्रशर चलाने पर दिया नोटिस

भोपाल। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की भोपाल स्थित सेंट्रल जोन बेंच ने मंदसौर में घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके, स्कूलों और सरकारी कार्यालयों के पास अवैध रूप से संचालित पत्थर खदानों (गिट्टी क्रशर) और विस्फोटक ब्लास्टिंग के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। धर्मेंद्र गोस्वामी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बेंच ने राज्य सरकार सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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छह सप्ताह में मांगा जवाब
न्यायाधीश शियो कुमार सिंह (न्यायिक सदस्य) और डॉ. सुधीर कुमार चतुर्वेदी (विशेषज्ञ सदस्य) की बेंच ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर तामीली कराने और छह सप्ताह के भीतर अपना विस्तृत जवाब ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही मामले की वस्तुस्थिति जांचने के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है। इसमें जिला मजिस्ट्रेट, मंदसौर के प्रतिनिधि और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नामित प्रतिनिधि शामिल होंगे। समिति को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर छह सप्ताह के भीतर तथ्यात्मक और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस प्रक्रिया के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है।
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