CG NEWS: ड्रग क्वीन केस में बड़ा एक्शन, अब खुलेगा हाईप्रोफाइल नेटवर्क का पूरा राज

PREM KUMAR,RAIPUR रायपुर के चर्चित नव्या मलिक एमडीएमए ड्रग केस में बड़ा मोड़ आ गया है। राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) को सौंप दी है। पांच सदस्यीय टीम हाईप्रोफाइल ड्रग नेटवर्क, अंतरराज्यीय सप्लाई चेन, डिजिटल सबूत और कथित आर्थिक लेन-देन की नए सिरे से जांच करेगी। दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय (ED) अवैध कमाई और मनी ट्रेल की अलग जांच कर रहा है। इससे यह मामला अब केवल ड्रग बरामदगी तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि संगठित अपराध और आर्थिक अपराध की दिशा में भी जांच आगे बढ़ गई है।
SIT के हाथों में जांच, हाईप्रोफाइल केस में नया मोड़
चर्चित नव्या मलिक एमडीएमए ड्रग केस की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) को सौंप दी गई है। इस जांच के लिए एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), दो निरीक्षक समेत पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम पूरे नेटवर्क की शुरुआत से जांच करेगी और सभी तथ्यों का नए सिरे से विश्लेषण करेगी।
ED करेगी मनी ट्रेल की अलग जांच
जहां SIT ड्रग सिंडिकेट और आपराधिक नेटवर्क की जांच करेगी, वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) ड्रग कारोबार से हुई कथित अवैध कमाई, बैंक लेन-देन, संपत्तियों और मनी ट्रेल की अलग से जांच कर रहा है। जांच एजेंसियों का फोकस अब आर्थिक अपराध पर भी रहेगा।
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ऐसे खुला था पूरा मामला
23 अगस्त 2025 को रायपुर पुलिस ने एमडीएमए ड्रग के साथ हर्ष आहूजा, मोनू बिश्नोई और दीप धनोरिया को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर मुंबई से नव्या मलिक को गिरफ्तार किया गया। जांच में आरोप सामने आया कि वह रायपुर की हाईप्रोफाइल पार्टियों, निजी आयोजनों और नाइट क्लबों में एमडीएमए की सप्लाई करती थी।
चार्जशीट में डिजिटल नेटवर्क का खुलासा
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक पूरा नेटवर्क मोबाइल फोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित किया जा रहा था। जांच में दावा किया गया कि मोनू बिश्नोई के जरिए कई लोगों तक ड्रग पहुंचाई गई। चार्जशीट में ऋषिराज टंडन, विधि अग्रवाल सहित अन्य लोगों का उल्लेख किया गया है। वहीं मोहित ईशरानी द्वारा ड्रग सप्लाई के बदले भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई थी।
किन बिंदुओं पर फोकस करेगी SIT
SIT अब ड्रग के मूल स्रोत, मुख्य सप्लायर, रायपुर-मुंबई समेत अन्य राज्यों से जुड़े नेटवर्क, सप्लायर, रिसीवर और कुरियर चैन की जांच करेगी। इसके अलावा आरोपियों की भूमिका, डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट, सोशल मीडिया गतिविधियां और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा।
हाईप्रोफाइल पार्टियां और खरीददार भी जांच के दायरे में
SIT निजी पार्टियों, क्लब, पब और कथित टेक्नो पार्टियों में ड्रग सप्लाई की भी जांच करेगी। चार्जशीट में दर्ज नामों के अलावा अन्य संभावित खरीदारों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या इस गिरोह के तार पुराने NDPS मामलों या अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं।
प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी होगी जांच का हिस्सा
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति, कारोबारी या अन्य लोगों ने इस नेटवर्क को संरक्षण, आर्थिक मदद या किसी अन्य प्रकार का सहयोग दिया था। यदि ऐसे तथ्य सामने आते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।












