Shivani Gupta
19 Jan 2026
हिन्दू धर्म में हर शुभ कार्य दीपक जलाए बिना अधूरा माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में कलश स्थापना के साथ घरों में अखंड ज्योति जलाई जाती है। यह दीपक पूरे नौ दिन लगातार जलता रहता है।
अखंड दीप प्रज्वलन को देवी दुर्गा के आह्वान का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि जहां अखंड ज्योति जलती है, वहां मां दुर्गा की विशेष कृपा और उपस्थिति बनी रहती है।
धार्मिक मान्यता है कि अखंड ज्योति के सामने किए गए जाप का फल कई गुना बढ़ जाता है। इसी कारण भक्त नवरात्रि के दौरान इस दीपक को दिन-रात जलाए रखते हैं।
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अखंड ज्योति जलाने के लिए कुछ विशेष नियम और परंपराएं भी मानी जाती हैं। पंडितों का कहना है कि दीपक को सही दिशा और विधि से जलाना चाहिए।
यदि किसी कारणवश अखंड ज्योति बुझ जाए, तो इसे तुरंत शुद्ध रूप से दोबारा प्रज्वलित करना चाहिए। माना जाता है कि इससे पूजा का प्रभाव बना रहता है।
अखंड ज्योति से घर में सुख-शांति आती है, भय और कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए नवरात्रि में अखंड दीप जलाना बेहद शुभ और खास माना जाता है।