Shivani Gupta
18 Jan 2026
सनातन परंपरा में रामलला प्रतिष्ठा दिवस को अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। यह दिन केवल इतिहास की स्मृति नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। वर्ष 2026 में यह दिवस 22 जनवरी को मनाया जाएगा।
रामलला प्रतिष्ठा दिवस माघ मास में आता है, जिसे सनातन धर्म में पुण्य और तप का महीना माना गया है। इस समय सूर्य देव उत्तरायण होते हैं, जो शुभता और सकारात्मकता के प्रतीक हैं।
वर्ष 2026 में रामलला प्रतिष्ठा दिवस गुरुवार को पड़ रहा है। गुरुवार का संबंध गुरु तत्व, ज्ञान और धर्म से माना गया है। शास्त्रों के अनुसार गुरु तत्व के प्रभाव से भक्ति, मर्यादा और सद्बुद्धि प्रबल होती है। रामलला धर्म और मर्यादा के प्रतीक हैं, इसलिए यह दिन और भी अधिक आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बन जाता है।
यह तिथि विक्रम संवत 2080 के अनुसार भी अत्यंत शुभ मानी गई है। मकर संक्रांति के बाद आने के कारण सूर्य उत्तरायण में है, जो प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। गुरु तत्व, उत्तरायण सूर्य और शुभ संवत के संयोग से यह दिवस अत्यंत पुण्यदायी और आस्था से भरा बनता है।
रामलला प्रतिष्ठा दिवस पर देशभर में लोग सामूहिक पूजा, राम नाम जप और भक्ति कार्यक्रम आयोजित करते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्मकर्म करने से विशेष सकारात्मक ऊर्जा बनती है। मंदिरों में दीप जलना, भजन और राम कथा का आयोजन वातावरण को पवित्र बनाता है। इससे समाज में धर्म, एकता और सद्भाव की भावना प्रबल होती है।
रामलला प्रतिष्ठा दिवस केवल एक धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि आस्था, धर्म और आध्यात्मिक चेतना का पर्व है। सूर्य, गुरु तत्व और सामूहिक भक्ति के शुभ योग इसे हर व्यक्ति और पूरे समाज के लिए अत्यंत पुण्यदायी अवसर बनाते हैं।