दिल्ली में पोलैंड के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की के साथ बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर पोलैंड के रुख पर कड़ी आपत्ति जताई। पाकिस्तान को लेकर पोलैंड के समर्थन वाले बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए जयशंकर ने दो टूक कहा कि आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस ही एकमात्र स्वीकार्य नीति होनी चाहिए। इस बैठक में रूस–यूक्रेन युद्ध को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई।
भारत ने साफ शब्दों में पोलैंड से कहा कि वह पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ढांचे को किसी भी तरह से बढ़ावा देने में मदद न करे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि उन्होंने हाल ही में न्यूयॉर्क और पेरिस में यूक्रेन संघर्ष और उसके प्रभावों पर अपने विचार रखे हैं और बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि भारत को चुन-चुनकर निशाना बनाना गलत और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पोलैंड इस क्षेत्र की जमीनी हकीकत और सीमा पार आतंकवाद की पुरानी समस्या से भली-भांति परिचित है।
जयशंकर की बातों पर सहमति जताते हुए पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की ने कहा कि वह सीमा पार आतंकवाद से निपटने की जरूरत से पूरी तरह सहमत हैं। उन्होंने बताया कि पोलैंड खुद हाल के दिनों में आगजनी और राज्य प्रायोजित आतंकवाद का शिकार हुआ है, जब देश की रेलवे लाइन को निशाना बनाया गया था, हालांकि इसमें कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में पोलैंड और पाकिस्तान के बीच जारी संयुक्त बयान में कश्मीर का जिक्र किया गया था। उस बयान में पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर पर अपना रुख रखा था, जबकि पोलैंड ने यूक्रेन युद्ध पर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। भारत ने तब भी इसकी निंदा की थी और अब एक बार फिर यह मुद्दा पोलैंड के विदेश मंत्री के सामने उठाया गया।
बैठक में व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। पोलैंड ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने अमेरिका पर टैरिफ के जरिए चुनिंदा देशों को निशाना बनाने का आरोप लगाया था। रादोस्लाव सिकोर्स्की ने कहा कि इस तरह की नीति वैश्विक व्यापार में अस्थिरता पैदा कर रही है और इस पर चिंता जताई जानी चाहिए।