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बड़ा सवाल :हाथ में त्रिशूल और रुद्राक्ष की माला, क्या खूबसूरत हर्षा का यह रूप अब नजर नहीं आएगा?

प्रयागराज महाकुंभ में सबसे सुंधर साध्वी का टाइटल पानें वालीं हर्षा रिछारिया प्रयागराज के माघ मेले से एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्हें प्रयागराज में पुण्य की डुबकी लगाते देखा गया। हालांकि उन्होंने घोषणा की है कि वे धर्म की राह छोड़कर अपनी पुरानी दुनिया में लौटने वाली हैं।
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हाथ में त्रिशूल और रुद्राक्ष की माला, क्या खूबसूरत हर्षा का यह रूप अब नजर नहीं आएगा?
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    डिजिटल डेस्क। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर अचानक छा जाने वाली कथित साध्वी हर्षा रिछारिया एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कभी साध्वी के रूप में पहचान बनाने वाली हर्षा अब अपने बयानों और माघ मेले में सामने आए देसी अवतार को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। धर्म, ग्लैमर और निजी फैसलों को लेकर उनका सफर लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ा रहा है। हर्षा ने मॉडलिंग और एंकरिंग छोड़कर आध्यात्मिक जीवन को अपनाने का रास्ता चुना। उनकी तस्वीरें सामने आते ही उन्हें “देश की सबसे सुंदर साध्वी” कहा जाने लगा।

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    धर्म की राह छोड़ने के बयान से मचा हंगामा

    हाल ही में हर्षा रिछारिया ने एक वीडियो साझा कर यह संकेत दिया कि वह धर्म के रास्ते से हटकर फिर से अपनी पुरानी प्रोफेशनल दुनिया में लौट सकती हैं। उन्होंने वीडियो में खुद को उधारी में होने की बात कही और बिना वजह जज किए जाने पर भी सवाल उठाए। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी।

    माघ मेले में दिखा देसी और आध्यात्मिक अंदाज

    तमाम चर्चाओं के बीच हर्षा माघ मेले में पहुंचीं, जहां गंगा स्नान के दौरान उनका देसी और साध्वी रूप वायरल हो गया। हाथ में त्रिशूल, गले में रुद्राक्ष और फूलों की माला पहने हर्षा सादगी में नजर आईं। माथे पर तिलक और खुले बालों के साथ उनका यह रूप लोगों का ध्यान खींच ले गया। 

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    सनातनी हर्षा फिर हिंदू त्योहारों पर नजर आएंगी?

    हर्षा इन दिनों माघ मेले में पवित्र संगम पर डुबकी लगाते नजर आ रही हैं। सनातनी रंगों के वस्त्रों में हर्षा माथे पर तिलक लगाकर डुबकी लगाती हैं। कभी कोई सुरक्षा गार्ड उनका हाथ थामे रहती है तो कभी वे अकेली रहती हैं। हर्षा के अपनी पुरानी दुनिया में लौटने के बयान के बाद यह चर्चा भी चल पड़ी है कि कहीं हर्षा रिछारिया को सनातनी रूप में आखिरी बार तो नहीं देखा जा रहा। हालांकि कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि हर्षा पुरानी दुनिया में तो लौटेंगी, लेकिन सनातन के नियमों का पालन करती रहेंगी।

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    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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