Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

‘स्कूल हम ठीक करवा लेंगे’, जयपुर में CJP के निरीक्षण पर ग्रामीणों का गुस्सा, आशुतोष रांका को पथराव कर भगाया

जयपुर में सरकारी स्कूलों के निरीक्षण को लेकर CJP की टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया। बगरू के रामपुरा स्कूल पहुंची टीम के साथ धक्का-मुक्की और पथराव हुआ। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर रास्ता रोक दिया। जर्जर स्कूल में बच्चों को टीनशेड के नीचे पढ़ाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल सुधार के लिए 12.50 लाख रुपये मंजूर हैं।
‘स्कूल हम ठीक करवा लेंगे’, जयपुर में CJP के निरीक्षण पर ग्रामीणों का गुस्सा, आशुतोष रांका को पथराव कर भगाया
जयपुर में सरकारी स्कूलों के निरीक्षण को लेकर CJP की टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया।

जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से सरकारी स्कूलों के निरीक्षण को लेकर विवाद बढ़ गया है। शुक्रवार सुबह बगरू के रामपुरा कंवरपुरा राजकीय प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची CJP टीम का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। ग्रामीणों ने CJP के को-कन्वीनर आशुतोष रांका और उनके साथ आए लोगों को घेर लिया। इस दौरान धक्का-मुक्की और पथराव की घटना भी हुई। विरोध के बीच CJP टीम को वहां से लौटना पड़ा।

सुबह से ही शुरू हो गया था विरोध

बताया गया कि सुबह करीब 8 बजे CJP के कुछ कार्यकर्ता गांव पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों के साथ उनकी धक्का-मुक्की हो गई। ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं को गांव से बाहर कर दिया। इसके बाद ग्रामीण सरकारी स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने CJP के खिलाफ नारेबाजी की और गांव के मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर रास्ता रोक दिया। लोगों ने रास्ते पर घेराबंदी कर आने-जाने वाली गाड़ियों की जांच भी शुरू कर दी।

‘स्कूल हम खुद ठीक करवा लेंगे’

ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्कूल की हालत सुधारने के लिए सरकार ने 12.50 लाख रुपये मंजूर किए हैं। उनका कहना है कि वे अपने स्तर पर स्कूल को ठीक करवा लेंगे। ग्रामीणों ने CJP के निरीक्षण का विरोध करते हुए कहा कि वे किसी बाहरी व्यक्ति को स्कूल में आने नहीं देंगे।

X Post

Breaking News

जर्जर स्कूल में पढ़ने को मजबूर बच्चे

रामपुरा गांव का सरकारी स्कूल जर्जर हालत के चलते बच्चों के लिए बंद कर दिया गया है। स्कूल की छत की पट्टियां टूट चुकी हैं और उन्हें लोहे के एंगल के सहारे टिकाया गया है। स्कूल से करीब 50 मीटर दूर एक बाड़े में बच्चों की कक्षाएं लगाई जा रही हैं। बच्चे टीनशेड के नीचे पढ़ाई कर रहे हैं। आसपास पशुओं का चारा रखा हुआ है और दीवारों की ईंटें भी गिर चुकी हैं। यानी बच्चों की पढ़ाई फिलहाल ऐसी जगह हो रही है, जहां स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं।

/img/404/1787289898272

दो सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने वाली थी CJP टीम

CJP की टीम ने शुक्रवार को जयपुर के दो सरकारी स्कूलों का दौरा करने की योजना बनाई थी। टीम का उद्देश्य स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था, बिल्डिंग, छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेना था। टीम शिक्षकों और छात्रों से बातचीत कर स्कूलों की जमीनी स्थिति भी जानने वाली थी। रामपुरा के बाद टीम का करीब 11:30 बजे वाटिका रोड स्थित भट्टा वाला राजकीय सरकारी स्कूल जाने का कार्यक्रम था।

अपराध रोकने का नया फॉर्मूला:120 दिनों तक लगातार जनसंवाद

निरीक्षण के बाद सरकार ने लगाया था प्रतिबंध

दरअसल, पिछले दिनों CJP की टीम के स्कूल निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में आम लोगों और मीडिया की बिना वजह एंट्री पर रोक लगा दी थी।

इसके बाद सरकार और CJP के बीच विवाद और बढ़ गया।

CJP के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था की स्थिति सामने आने के डर से सरकार इस तरह के आदेश जारी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने का उनका अभियान जारी रहेगा।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

Latest Posts