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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में देर रात भूकंप से हिली धरती, रिक्टर स्केल पर 3.1 रही तीव्रता

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सोमवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.1 रही। रात 10:56 बजे आए इस भूकंप की गहराई 5 किलोमीटर दर्ज की गई। राहत की बात है कि अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में देर रात भूकंप से हिली धरती, रिक्टर स्केल पर 3.1 रही तीव्रता
जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके, रात 10:56 बजे हिली धरती

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सोमवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से इलाके में हलचल देखने को मिली। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.1 दर्ज की गई। हालांकि, इसकी तीव्रता कम होने के कारण किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

रात 10:56 बजे आया भूकंप

जानकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में 2 नवंबर, सोमवार की रात करीब 10 बजकर 56 मिनट पर भूकंप आया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 5 किलोमीटर की गहराई में था। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। विभाग ने भूकंप का समय, जगह, तीव्रता और गहराई से जुड़ी जानकारी साझा की। भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। फिलहाल किसी के घायल होने या इमारतों को नुकसान पहुंचने की भी खबर नहीं है।

रिक्टर स्केल पर कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता?

भूकंप की ताकत मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल किया जाता है। इससे पता चलता है कि धरती के अंदर आए कंपन की तीव्रता कितनी थी। भूकंप की तीव्रता जितनी ज्यादा होती है, उससे नुकसान होने का खतरा भी उतना ही बढ़ सकता है।

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आमतौर पर भूकंप की तीव्रता को इस तरह समझा जा सकता है:

  • 2.0 या इससे कम: ऐसे भूकंप को माइक्रो भूकंप कहा जाता है। इन्हें ज्यादातर लोग महसूस नहीं कर पाते।
  • 2.0 से 3.9: इस तीव्रता के भूकंप हल्के होते हैं। कई बार लोगों को इनके झटके महसूस हो सकते हैं।
  • 4.0 से 4.9: ऐसे भूकंप से चीजें हिल सकती हैं और कमजोर इमारतों को नुकसान पहुंच सकता है।
  • 5.0 से 6.9: इस स्तर के भूकंप से इमारतों और अन्य निर्माणों को नुकसान हो सकता है।
  • 7.0 या इससे ज्यादा: ऐसे भूकंप काफी शक्तिशाली होते हैं और बड़े स्तर पर तबाही मचा सकते हैं।

7 तीव्रता से ज्यादा का भूकंप क्यों होता है खतरनाक?

7.0 या इससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप को काफी शक्तिशाली माना जाता है। ऐसे भूकंप से बड़े इलाके में नुकसान हो सकता है। हालांकि, भूकंप से होने वाला नुकसान केवल उसकी तीव्रता पर निर्भर नहीं करता। भूकंप की गहराई, केंद्र से दूरी, जमीन की स्थिति और इमारतों की मजबूती भी इसमें अहम भूमिका निभाती है। फिलहाल किश्तवाड़ में आए 3.1 तीव्रता के भूकंप से किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और भूकंप के दौरान सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...

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