US का ईरान पर बड़ा हमला! केशम द्वीप पर बरसाईं मिसाइलें, टूटा सीजफायर

अमेरिका-ईरान तनाव: अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम द्वीप पर सैन्य हमला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्रवाई में रडार सिस्टम और मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे रक्षात्मक कार्रवाई बताया है। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।
अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर किया हमला
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केशम द्वीप पर हमला किया। यह द्वीप होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है, जो दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक रास्तों में से एक है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी हमले में ईरान के रडार सिस्टम और मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया गया। इन सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचने की खबर है। हालांकि, हमले में कितने सैन्य ठिकाने तबाह हुए और ईरान को कितना नुकसान हुआ, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ईरान की सरकारी मीडिया ने भी केशम द्वीप पर कई धमाकों की खबर दी है। रॉयटर्स के मुताबिक, यह हमला पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका की ओर से की गई सीमित सैन्य कार्रवाइयों का हिस्सा बताया जा रहा है।
अमेरिका ने हमले को बताया रक्षात्मक कार्रवाई
अमेरिकी अधिकारियों ने इस सैन्य कार्रवाई को रक्षात्मक कदम बताया है। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा रहा था। अमेरिका का कहना है कि ईरान की इन सैन्य गतिविधियों से उसके सैनिकों और सैन्य संपत्तियों को खतरा था। इसी खतरे को कम करने के लिए अमेरिकी सेना ने केशम द्वीप पर मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की ओर से तत्काल विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। इसलिए हमले से हुए वास्तविक नुकसान का आकलन करना अभी मुश्किल है।
मिडटर्म चुनाव के बीच ट्रंप का बड़ा कदम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव हो रहे हैं। ईरान के साथ तनाव को लेकर ट्रंप पहले भी कई बार सख्त बयान दे चुके हैं। उन्होंने पहले संकेत दिया था कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला है। हालांकि, 2 नवंबर को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने चुनाव के बाद ईरान पर हमला करने की योजना से इनकार किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध जीत चुका है और दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना हो सकती है।
नेतन्याहू भी बना रहे थे हमले का दबाव?
ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई को लेकर इजरायल भी लगातार सक्रिय रहा है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ईरान को लेकर कई बार बातचीत हो चुकी है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि नेतन्याहू ईरान के खिलाफ दोबारा बड़े सैन्य अभियान के पक्ष में हैं। हालांकि, केशम द्वीप पर हुए ताजा हमले में इजरायल की सीधी भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या होगा?
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से सैन्य और राजनीतिक तनाव बना हुआ है। केशम द्वीप पर ताजा हमले से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है, क्योंकि इस रास्ते से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और अन्य जरूरी सामान का व्यापार करता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान इस हमले का जवाब किस तरह देगा। दोनों देशों के बीच बातचीत और सैन्य तनाव का भविष्य आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।




















