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Russia Attack on Ukraine: सहायता केंद्र और आश्रय स्थल पर बमबारी, 18 लोगों की मौत; मलबे में अब भी दबे कई लोग

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर बड़ा हमला हुआ है। दक्षिणी यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया क्षेत्र में रूसी सेना ने मानवीय सहायता केंद्र और आश्रय स्थल को निशाना बनाया। इस भीषण बमबारी में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 20 लोग अब भी लापता हैं।
Russia Attack on Ukraine: सहायता केंद्र और आश्रय स्थल पर बमबारी, 18 लोगों की मौत; मलबे में अब भी दबे कई लोग
यूक्रेन के सहायता केंद्र पर रूस की एयरस्ट्राइक

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर भयावह मोड़ पर पहुंच गया है। 02 नवंबर की दरमियानी रात दक्षिणी यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया क्षेत्र में रूस की भीषण बमबारी में 18 लोगों की मौत हो गई। रूसी सेना ने एक ऐसे स्कूल को निशाना बनाया, जिसका इस्तेमाल मानवीय सहायता बांटने के लिए किया जा रहा था। इसके बाद पास में बने एक आश्रय स्थल पर भी हमला किया गया। इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि करीब 20 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले की जानकारी देते हुए रूस पर शांति की कोशिशों को कमजोर करने का आरोप लगाया है।

सहायता केंद्र को बनाया निशाना

दक्षिणी यूक्रेन के कोमिशुवाखा गांव में रूसी बमबारी ने भारी तबाही मचाई है। यहां एक स्कूल की इमारत को निशाना बनाया गया था। इस इमारत का इस्तेमाल युद्ध प्रभावित लोगों तक मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। हमले के दौरान आसपास मौजूद लोग भी इसकी चपेट में आ गए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके इस हमले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रूसी सेना ने पहले सहायता वितरण केंद्र को निशाना बनाया और फिर उसके पास बने आश्रय स्थल पर बमबारी की। इस हमले में अब तक 18 लोगों की मौत की खबर है। बड़ी संख्या में लोग घायल और लापता बताए जा रहे हैं। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन ने बचाव अभियान शुरू कर दिया।

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सीजफायर खत्म होते ही फिर शुरू हुई बमबारी

रूस का यह हमला ऐसे समय हुआ, जब यूक्रेन के दक्षिणी खेरसॉन क्षेत्र में सीमित सीजफायर की अवधि समाप्त हुई थी। इस समझौते के तहत रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की अनुमति दी गई थी। जेलेंस्की ने रूस पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय ऐसा लग रहा था कि शांति की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता निकल सकता है, लेकिन इन हत्याओं से रूस ने बिल्कुल उलटा संकेत दिया है। उनके मुताबिक, रूस तनाव कम करने के बजाय और ज्यादा हमले करने की तैयारी में है।

मलबे में दबे लोगों की तलाश

रूसी हमले के बाद कोमिशुवाखा गांव में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी तस्वीरों और वीडियो में तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। रात के अंधेरे में बचावकर्मी टॉर्च की रोशनी में ढही हुई इमारतों के मलबे को हटाते और लोगों की तलाश करते नजर आए। कई जगहों पर इमारतों का बड़ा हिस्सा पूरी तरह गिर चुका है। ऐसे में मलबे के नीचे फंसे लोगों तक पहुंचना बचाव दल के लिए चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, करीब 20 लोग अभी भी लापता हैं। आशंका जताई जा रही है कि मलबे में दबे लोगों की वजह से मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। राहतकर्मी लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं, ताकि किसी भी जीवित व्यक्ति को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।

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जेलेंस्की बोले- 'रूस शांति नहीं चाहता'

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपने संबोधन में कहा कि यूक्रेन को पहले से आशंका थी कि रूस अपने हमलों की तीव्रता बढ़ा सकता है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि यूक्रेन के पास अपनी रक्षा के लिए जरूरी मिसाइलों की कमी है। जेलेंस्की के मुताबिक, ऐसे समय में जब युद्ध रोकने और मानवीय सहायता पहुंचाने की कोशिशें होनी चाहिए, रूस के हमले हालात को और गंभीर बना रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस हमले की ओर खींचते हुए कहा कि रूस की कार्रवाई उसके शांति संबंधी दावों पर सवाल खड़े करती है।

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बचाव अभियान के दौरान भी रूसी ड्रोन से हमला

ज़ापोरिज्जिया क्षेत्र में मुश्किलें सिर्फ बमबारी तक सीमित नहीं रहीं। बचाव अभियान के दौरान भी रूसी ड्रोन हमलों की खबर सामने आई है। क्षेत्र के सैन्य अधिकारी मिखाइलो सेमकिन के अनुसार, सोमवार शाम को जब बचावकर्मी लोगों को मलबे से निकालने में जुटे थे, उसी इलाके में रूसी ड्रोन ने दोबारा हमला किया। इससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ। लगातार हमलों के कारण बचावकर्मियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ऐसी परिस्थितियों में मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचना और उन्हें सुरक्षित निकालना बेहद मुश्किल हो रहा है।

यूक्रेन के दूसरे इलाकों में भी ड्रोन हमले

ज़ापोरिज्जिया के अलावा यूक्रेन के अन्य हिस्सों में भी रूसी ड्रोन हमलों की सूचना मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 17 लोग घायल हुए हैं। लगातार हो रही बमबारी और ड्रोन हमलों ने यूक्रेन के कई क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति को गंभीर बना दिया है। आम नागरिकों के लिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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