दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 324 पहुंचा, CAQM ने लागू किया GRAP-2; 3 इलाकों में AQI 400 पार

नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 2 नवंबर 2026 से तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP-2 के तहत पाबंदियां लागू कर दी हैं। सोमवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 324 दर्ज किया गया, जो इस मौसम में पहली बार बेहद खराब श्रेणी में पहुंचा है। राजधानी के तीन निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया, जहां AQI 400 के पार रहा।
271 दिन बाद प्रदूषण इस स्तर पर पहुंचा
सोमवार को दिल्ली का औसत AQI 324 दर्ज किया गया। यह इस साल 4 फरवरी के बाद राजधानी में दर्ज किया गया सबसे अधिक स्तर है। 4 फरवरी को दिल्ली का AQI 339 रहा था। इस तरह करीब 271 दिन बाद राजधानी की हवा एक बार फिर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। शाम 4 बजे के आंकड़ों के मुताबिक जहांगीरपुरी में सबसे अधिक 436 AQI दर्ज किया गया। इसके बाद रोहिणी में 415 और पंजाबी बाग में 413 AQI रहा। दिल्ली के कुल 58 निगरानी केंद्रों में से 37 पर हवा बेहद खराब, 17 पर खराब और 3 केंद्रों पर गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। केवल एक केंद्र पर वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रही।
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GRAP-2 में लोगों को इन नियमों का करना होगा पालन
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए CAQM ने GRAP-2 के तहत लोगों से निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की अपील की है। इसके अलावा लोगों को रोजमर्रा की गतिविधियों में प्रदूषण कम करने वाले उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
GRAP-2 के तहत प्रमुख अपीलें इस प्रकार हैं:
- निजी वाहनों के बजाय बस, मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।
- अपनी गाड़ियों के एयर फिल्टर निर्धारित अंतराल पर बदलवाएं।
- घरों में रसोई की चिमनी के फिल्टर साफ रखें।
- ठोस कचरे और बायोमास को खुले में इकट्ठा करने या जलाने से बचें।
- जिन लोगों का काम घर से हो सकता है, वे वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें।
AQI 301 से 400 होने पर लागू होता है GRAP-2
GRAP को वायु प्रदूषण के स्तर के आधार पर अलग-अलग चरणों में लागू किया जाता है। जब AQI 301 से 400 के बीच पहुंचता है, तब GRAP के दूसरे चरण की कार्रवाई शुरू की जाती है। इस स्तर को बेहद खराब श्रेणी माना जाता है। इसका उद्देश्य प्रदूषण बढ़ने से रोकना और हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाना है।
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दिल्ली में वाहनों की एंट्री को लेकर भी सख्ती
संशोधित GRAP नियमों के तहत 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में वाहनों के प्रवेश को लेकर भी पाबंदियां लागू की गई हैं। इसके अनुसार BS-6 मानक वाले, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ छूट प्राप्त वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति है। BS-6 से नीचे के मानक वाले और वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं रखने वाले वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक है।




















