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एक्टर इमरान खान से बॉम्बे हाईकोर्ट से मांगी माफी, लीव इंडिया नोटिस पर 7 दिसंबर तक रोक, जानें पूरा मामला

बॉम्बे हाईकोर्ट ने OCI card धारक अभिनेता इमरान खान से बिना शर्त माफी मांगने को कहा। लीव इंडिया नोटिस पर 7 दिसंबर तक रोक है। जानिए पूरा मामला और पिछला अपडेट।
एक्टर इमरान खान से बॉम्बे हाईकोर्ट से मांगी माफी, लीव इंडिया नोटिस पर 7 दिसंबर तक रोक, जानें पूरा मामला

अभिनेता इमरान खान ने SIR के विरोध में आयोजित प्रदर्शनों में शामिल होने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष बिना शर्त माफी मांग ली है। साथ ही उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया है कि आगे से वे इस तरह के किसी भी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बनेंगे।

दरअसल, इमरान खान को जारी किए गए 'लीव इंडिया नोटिस' (LIN) को चुनौती देने वाली याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस दौरान अदालत ने उन्हें अपने आचरण के लिए बिना शर्त माफी मांगने और भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों से दूर रहने संबंधी लिखित आश्वासन देने का निर्देश दिया था।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना का भी स्मरण कराया। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इमरान खान को उनके खिलाफ जारी लीव इंडिया नोटिस पर अपना पक्ष रखने के लिए उचित समय दिया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को निर्धारित की गई है। अदालत ने तब तक इमरान खान के खिलाफ जारी लीव इंडिया नोटिस के प्रभाव पर रोक लगा दी है।

हाईकोर्ट ने इमरान खान से क्या पूछा?

“आप भारतीय नागरिक नहीं हैं। आप एसआईआर से प्रभावित नहीं होंगे, तो इन प्रोटेस्ट में शामिल होने का आपके पास अधिकार नहीं है।”
– बॉम्बे हाईकोर्ट की पीठ

अदालत ने कहा कि इमरान को माफी मांगनी होगी। पीठ ने इसे उकसाने वाली हरकत बताया। यह माफी बिना शर्त होनी चाहिए। साथ में हलफनामा (अंडरटेकिंग – लिखित वादा) दाखिल करने को भी कहा गया।

विदेश में ऐसा होता तो क्या होता?

बॉम्बे हाईकोर्ट की पीठ ने यह भी कहा कि अगर किसी भारतीय नागरिक ने विदेश में ऐसा ही कुछ किया होता, तो उसे अगली ही फ्लाइट से भारत वापस भेज दिया जाता। यह टिप्पणी सुनवाई के दौरान की गई। सोचिए एक बार, विदेश में कोई भारतीय ऐसा करता, तो क्या होता? आप इतने सालों से भारत में रह रहे हैं। इस दौरान आपने कभी किसी प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया। फिर भी अब शामिल क्यों हुए?”

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ओसीआई कार्ड और अंडरटेकिंग की शर्त

अदालत ने इमरान से एक सवाल और पूछा। पीठ ने पूछा, भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन क्यों नहीं करते? अदालत ने याद दिलाया कि इमरान ने यहां शिक्षा ली और यहीं काम किया।

अदालत ने कहा कि इमरान को अंडरटेकिंग देनी होगी। अगर वे OCI card धारक बने रहना चाहते हैं, तो यह जरूरी है। यह अंडरटेकिंग इस बात की होगी कि वे ऐसे प्रोटेस्ट में हिस्सा नहीं लेंगे। ओसीआई (Overseas Citizenship of India) कार्ड बनाए रखने की यही शर्त है। आखिर इस शर्त का मतलब क्या है? सीधा मतलब यह है कि भविष्य में उन्हें ऐसे प्रदर्शनों से दूर रहना होगा।

लीव इंडिया नोटिस पर रोक कब तक?

वसुधैव कुटुंबकम की याद क्यों दिलाई?

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को वसुधैव कुटुंबकम की याद दिलाई। इसका मतलब है, पूरी दुनिया एक परिवार है। अदालत ने निर्देश दिया कि इमरान को नोटिस का जवाब देने का समय मिले। अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी। तब तक इमरान के खिलाफ जारी नोटिस पर रोक रहेगी। ऐसे में फिलहाल नोटिस पर अमल नहीं होगा।

सवाल यह है कि इमरान खान को अब क्या करना होगा? अदालत ने उन्हें नोटिस का जवाब देने का समय दिया है। साथ ही माफी और अंडरटेकिंग का मुद्दा भी बाकी है।

पिछली सुनवाई में क्या हुआ था?

बॉम्बे हाईकोर्ट में यह सुनवाई 27 अक्टूबर को हुई थी। उस दिन एफआरआरओ (FRRO – Foreign Regional Registration Office) ने भरोसा दिया था। 2 नवंबर तक इमरान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। नोटिस में भारत से रवाना होने की आखिरी तारीख 28 अक्टूबर थी। सुनवाई आखिरी तारीख से एक दिन पहले हुई थी।

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अब तक की पूरी कहानी क्रम से

पहले मुंबई पुलिस ने इमरान को नोटिस दिया। उसमें 28 अक्टूबर तक भारत से जाने की बात थी। इमरान ने नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी। 27 अक्टूबर की सुनवाई में 2 नवंबर तक कार्रवाई न करने का भरोसा मिला। अब अदालत ने 7 दिसंबर तक नोटिस पर रोक लगा दी है।

इमरान खान बॉम्बे हाईकोर्ट सुनवाई में आगे क्या?

इमरान खान बॉम्बे हाईकोर्ट सुनवाई की अगली तारीख 7 दिसंबर है। उस दिन अदालत फिर इस मामले को सुनेगी। तब तक इमरान के सामने नोटिस का जवाब तैयार करने का समय है। सुनवाई में अदालत ने तीन बातें साफ कहीं।

पहली, माफी बिना शर्त हो। दूसरी, भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों में हिस्सा न लेने की अंडरटेकिंग हो। तीसरी, केंद्र इमरान को जवाब का समय दे। ये अदालत की सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणियां हैं। अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।

Jitendra Shrivastava
By Jitendra Shrivastava

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